आशीष बैरागी
28 January, 2026
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नीमच \मोरवन | टेक्सटाइल फैक्ट्री के विरोध को लेकर बुधवार को मोरवन में आयोजित ग्राम सभा में अभूतपूर्व जनभागीदारी देखने को मिली। ग्राम सभा को लेकर ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह रहा। ग्राम सभा के चलते चाय-नाश्ता, सब्जी और किराना सहित गांव की अधिकांश दुकानें दोपहर तक बंद रहीं। ग्राम सभा समाप्त होने के बाद ही दुकानदारों ने अपनी दुकानें पुनः खोलीं। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सभा को लेकर गांव में ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा गया।
सुबह 11 बजे से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सामुदायिक भवन स्थित ग्राम सभा स्थल पर एकत्र हुए। ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच की उपस्थिति में ग्रामीणों ने गांव के हित से जुड़े चार अहम प्रस्ताव ग्राम सभा के समक्ष रखे। इनमें टेक्सटाइल फैक्ट्री को आवंटित शासकीय भूमि को निरस्त करने, शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 977/4 को गौचर भूमि में परिवर्तित करने, ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना शासकीय भूमि आवंटन पर रोक लगाने और ग्राम सभा व ग्रामीणों की अनुमति के बिना मोरवन बांध का पानी आवंटित नहीं किए जाने की मांग शामिल रही।
ग्राम सचिव रामप्रसाद परमार ने सभी बिंदुओं को एक-एक कर पढ़कर ग्रामीणों के सामने रखा, जिस पर उपस्थित ग्रामीणों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से अपनी सहमति दी। इसके बाद ग्राम सभा में चारों प्रस्ताव विधिवत पारित किए गए। ग्राम सभा पंजीयन रजिस्टर में 800 से अधिक महिला-पुरुष ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
ग्राम सभा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सरवानिया चौकी प्रभारी निलेश सोलंकी और डीकेन चौकी प्रभारी अपने-अपने बल के साथ मौके पर मौजूद रहे, जबकि जावद थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने भी ग्राम सभा स्थल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
गौरतलब है कि मोरवन में प्रस्तावित टेक्सटाइल फैक्ट्री को लेकर ग्रामीणों में पहले से ही नाराजगी है और वे पूर्व में भी आंदोलन कर चुके हैं। बुधवार की ग्राम सभा इसी विरोध की कड़ी रही। फिलहाल फैक्ट्री का मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय द्वारा फैक्ट्री निर्माण पर रोक लगाई गई है।
ग्राम सभा में ग्रामीणों की एकजुटता ने स्पष्ट संदेश दिया कि गांव से जुड़े फैसले ग्राम सभा और ग्रामीणों की सहमति से ही लिए जाने चाहिए।