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शहीद हेमू कालानी का बलिदान अमर, 84वीं पुण्यतिथि पर समाजजनों ने किया स्मरण

डेस्क न्यूज 21 January, 2026 अन्य

नीमच। देश की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले अमर शहीद हेमू कालानी की 84वीं पुण्यतिथि के अवसर पर नीमच में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में शहीद हेमू कॉलोनी चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाजजनों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों ने शहीद को नमन करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान को श्रद्धा के साथ स्मरण किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके पश्चात उपस्थित नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण देशभक्ति, श्रद्धा और गर्व की भावना से ओतप्रोत रहा।

सभा को संबोधित करते हुए पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष ईश्वर आहूजा, लक्ष्मी प्रेमाणी एवं गजेंद्र चावला ने कहा कि शहीद हेमू कालानी का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर क्रांतिकारियों के त्याग के कारण ही आज देश आज़ाद है। वक्ताओं ने नई पीढ़ी से शहीदों के आदर्शों को अपनाने, राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने और देशहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन पूज्य सिंधी पंचायत के सचिव महेश वर्धानी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राजेश सोनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मनोहर अर्जनानी, प्रभु दयाल ज्ञानानी, पूरण रामचंदानी, राजेश प्रेमाणी, भगवान दास प्रेमाणी, यशवंत प्रेमाणी, मधु केवलानी, सपना लालवानी, लाजवंती अंदानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि अमर शहीद हेमू कालानी का जन्म 23 मार्च 1923 को सिंध प्रांत में हुआ था। बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हेमू कालानी कम उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे। वर्ष 1943 में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियों के दौरान ब्रिटिश सेना की रेलगाड़ी को नुकसान पहुंचाने के प्रयास में वे गिरफ्तार हुए। अंग्रेजी हुकूमत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को उन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में हंसते-हंसते स्वीकार किया और 21 जनवरी 1943 को मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

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