डेस्क न्यूज
21 January, 2026
अन्य
नीमच। सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा थीम के तहत पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत नीमच यातायात पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के निर्देशन में थाना प्रभारी यातायात सोनू बडगुर्जर के नेतृत्व में शहर के एक निजी स्कूल में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 21 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें यातायात टीम के सउनि महेन्द्र सिंह राणा, आरक्षक मुकेश कुमावत एवं आरक्षक कृष्णा सैनी की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम में रोटरी क्लब के सदस्य, स्कूल स्टाफ सहित लगभग 200 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई तथा प्रोजेक्टर के माध्यम से लघु फिल्म दिखाकर सड़क सुरक्षा के महत्व को सरल, रोचक एवं प्रभावी तरीके से समझाया गया। यातायात पुलिस ने बताया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट एवं चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग जीवन रक्षक है। साथ ही छात्रों को यह भी समझाया गया कि यातायात नियमों का पालन केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
यातायात पुलिस ने नाबालिग छात्र-छात्राओं को यह जिम्मेदारी भी सौंपी कि वे अपने परिवारजनों एवं आसपास के लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें और विशेष रूप से हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के बाद स्कूल परिसर में संचालित स्कूल बसों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें बसों के बीमा, फिटनेस प्रमाण-पत्र, चालक लाइसेंस, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस सिस्टम, इमरजेंसी विंडो, अग्निशमन यंत्र सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की गई। जिन बसों में कमी पाई गई, उन्हें शीघ्र सुधारने के निर्देश स्कूल संचालक एवं प्राचार्य को दिए गए तथा भविष्य में किसी भी कमी पर चालानी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही बस चालकों व परिचालकों को वर्दी पहनने और माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं, स्टंटबाजी से बचें, माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें और चारपहिया वाहनों पर काली फिल्म न लगाएं। यातायात नियमों का पालन कर ही सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।