डेस्क न्यूज़
15 January, 2026
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नीमच | जिले में फैल रही जानलेवा GBS (गिलियन–बैरे सिंड्रोम) बीमारी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी नीमच ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी करते हुए कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा और बाद में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से विशेष मुलाकात कर त्वरित एवं ठोस कार्रवाई की मांग की।
GBS बीमारी पर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मनासा क्षेत्र में तेजी से फैल रही GBS बीमारी पर गहरी चिंता जताई गई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अब तक दो मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है और कई संदिग्ध मरीज सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि— जिला अस्पताल में न्यूरो विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, GBS की जांच के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है, IVIG जैसे महंगे जीवनरक्षक इंजेक्शन आम मरीजों की पहुंच से बाहर हैं, इन गंभीर कमियों के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि—
जिला अस्पताल में तत्काल न्यूरो विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए
IVIG इंजेक्शन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएं
प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
डोर-टू-डोर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों की पहचान की जाए
जिले में ही GBS जांच के लिए लैब स्थापित की जाए
चेतावनी भरे शब्दों में कांग्रेस का संदेश
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि GBS जैसी गंभीर बीमारी को लेकर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम आमजन के लिए बेहद घातक साबित हो सकते हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।