डेस्क न्यूज
07 January, 2026
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नीमच। शहर के विकास नगर क्षेत्र में स्थित प्राचीन विकासेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मंगलवार को वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ को काटने का प्रयास किए जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जैसे ही इस बात की जानकारी वार्डवासियों को मिली, बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए और पेड़ कटाई का कड़ा विरोध दर्ज कराया। स्थिति को देखते हुए संबंधित लोग पेड़ की कटाई किए बिना ही मौके से लौट गए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मंदिर परिसर में पहले ही हरियाली बेहद सीमित रह गई है और जो गिने-चुने पेड़ बचे हैं, उन्हें भी बिना किसी ठोस कारण के काटने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ को आधार से काटने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन समय रहते लोगों के विरोध से यह प्रयास विफल हो गया।
वार्डवासियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि हरे-भरे पेड़ों की कटाई किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी मंदिर परिसर की पहचान हैं। ऐसे में उनकी कटाई न केवल पर्यावरण, बल्कि आस्था पर भी चोट है।
गौरतलब है कि नीमच शहर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर संस्थाएं और पर्यावरण प्रेमी लंबे समय से सक्रिय हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार पौधरोपण और उनके संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं, इसके बावजूद आए दिन हरे वृक्षों की कटाई की घटनाएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
विकास नगर और मंदिर परिसर के रहवासियों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से मांग की है कि बिना अत्यावश्यक कारण हरे-भरे पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि आज यदि पेड़ों को नहीं बचाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देना मुश्किल हो जाएगा।