न्यूज डेस्क
29 December, 2025
प्रशासनिक
नीमच। मनासा ब्लॉक के ग्राम आमदखेड़ी में पुनर्योजी कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सॉलिडरिडाड संस्था द्वारा यूरोपीय संघ (EU) समर्थित परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए प्राकृतिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने सरल और रोचक अंदाज में यह संदेश दिया कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है। इससे न केवल उत्पादन लागत बढ़ रही है, बल्कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। नाटक में यह भी दर्शाया गया कि पुनर्योजी कृषि अपनाने से मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरता है, जल संरक्षण संभव होता है और फसलों की गुणवत्ता बेहतर होने से किसानों की आय में वृद्धि होती है।
कलाकारों ने फसल चक्र, हरी खाद, जीवामृत तथा प्राकृतिक कीट नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को व्यवहारिक उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया, जिससे किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती की तकनीकों की जानकारी मिली।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण किसानों ने भाग लिया। किसानों ने नुक्कड़ नाटक की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम खेती से जुड़ी नई तकनीकों को समझने और अपनाने में बेहद सहायक साबित होते