डेस्क न्यूज
22 December, 2025
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नीमच। नीमच शहर के बंगला नंबर–8 स्थित रमेश समता भवन एक बार फिर अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर विवादों के घेरे में आ गया है। करीब 11 वर्षों बाद यहां पुनः बिना अनुमति निर्माण कार्य शुरू किए जाने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और नगर पालिका हरकत में आ गई। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त रुख और नगर पालिका की त्वरित कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचते ही निर्माण कार्य में लगे लोग साजो-सामान छोड़कर फरार हो गए।
उल्लेखनीय है कि लगभग 11 वर्ष पूर्व भी रमेश समता भवन का अवैध निर्माण और बिनविस्थापन का मामला शहर में बड़े विवाद का विषय बना था। उस समय जुलूस, धरना-प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप तक की स्थिति बनी थी। तत्कालीन कलेक्टर ने नगर पालिका के तत्कालीन सीएमओ को तीन दिवस के भीतर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन उस समय आदेशों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
अब वर्षों बाद अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा कथित राजनीतिक रसूख के बल पर फिर से बिना अनुमति निर्माण कार्य शुरू किया गया। जैसे ही इसकी जानकारी शहरवासियों को लगी, उन्होंने नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया को अवगत कराया। सीएमओ के निर्देश पर नगर पालिका टीम मौके पर पहुंची, निरीक्षण किया, निर्माण कार्य तत्काल रुकवाया और वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
इसके बावजूद अगले ही दिन दोबारा निर्माण शुरू करने का प्रयास किया गया। मामला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के संज्ञान में आते ही उन्होंने सख्त निर्देश जारी किए। इसके बाद नगर पालिका अमला पुनः मौके पर पहुंचा और कड़ाई से निर्माण बंद करवाते हुए नोटिस चस्पा किया। नोटिस में तीन दिवस के भीतर अवैध निर्माण हटाने, निर्माण सामग्री हटाने तथा सभी वैध दस्तावेज नगर पालिका में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन न करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इस प्रकरण में आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के माध्यम से तत्कालीन कलेक्टर के आदेश की सत्यापित प्रति भी सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पूर्व में भी इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके थे। हालांकि वर्तमान नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि उनके रिकॉर्ड में उस समय का आदेश उपलब्ध नहीं है।
इस संबंध में नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया ने बताया कि रमेश समता भवन पर बिना अनुमति निर्माण किया जा रहा था, जिसे रुकवाकर नोटिस जारी किया गया है। सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और फिलहाल निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करवा दिया गया है।