न्यूज डेस्क
15 December, 2025
नीमच। मनासा तहसील के ग्राम मोकड़ी में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही एक किसान की जान ले गई। सिंचाई के दौरान करंट की चपेट में आने से किसान धन सिंह राजपूत की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को नीमच–झालावाड़ रोड पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार को खेत में सिंचाई करते समय टूटे और झूलते बिजली तारों से फैले करंट की चपेट में आने से धन सिंह राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान उन्हें बचाने पहुंचे दो अन्य ग्रामीण भी करंट की चपेट में आ गए। मृतक किसान दिव्यांग था, वहीं उसकी पत्नी और बेटा भी दिव्यांग बताए गए हैं, जिससे घटना ने ग्रामीणों को और अधिक झकझोर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से क्षेत्र में जर्जर और झूलती बिजली लाइनों को लेकर लगातार बिजली विभाग को शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही का खामियाजा एक गरीब किसान को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
सोमवार सुबह नीमच में पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीण शव को लेकर नीमच–झालावाड़ रोड पर घोटा पिपलिया स्थित बालाजी मंदिर के सामने पहुंचे और सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। लगभग एक घंटे तक चले जाम के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
सूचना मिलते ही एसडीएम किरण आंजना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों से चर्चा की। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने तथा लापरवाह लाइनमैन व जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम किरण आंजना ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार को बिजली कंपनी एवं मुख्यमंत्री संबल योजना के अंतर्गत कुल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक स्नातक सदस्य को बिजली विभाग में आउटसोर्स माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा मोकड़ी सहित आसपास के गांवों में बिजली लाइनों की जांच कर आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र श्याम सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष बोरवाल, जनपद सदस्य घीसालाल जाट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुकड़ेश्वर, मनासा और रामपुरा थानों का पुलिस बल तैनात रहा।