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हनुमान अष्टमी पर बालाजी धाम में उमड़ी आस्था की भीड़, पंचमुखी रूप का दिव्य श्रृंगार बना विशेष आकर्षण

डेस्क न्यूज 12 December, 2025 अन्य

नीमच। पौष (कृष्ण) मास की अष्टमी पर मनाए जाने वाला पावन हनुमान अष्टमी पर्व शुक्रवार को बालाजी धाम में धार्मिक उत्साह और आस्था के साथ धूमधाम से मनाया गया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इसी दिन हनुमानजी ने पाताल लोक में जाकर पंचमुखी रूप धारण किया था और अहिरावण के नागपाश से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी को मुक्त कराया था। इसी दिव्य विजय की स्मृति में यह पर्व हनुमान विजय उत्सव के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी आवाजाही रही। पूरा बालाजी धाम फूलों, दीपों और आकर्षक सजावट से सजा नजर आया। भक्तों के लिए बालाजी का पंचमुखी विशेष श्रृंगार मुख्य आकर्षण रहा, जिसे देखने लोग लगातार पहुँचते रहे।

दोपहर 3 बजे से संगीतमय सुंदरकांड पाठ आयोजित हुआ, जिसमें भक्तों ने भक्ति गीतों के साथ सहभागिता की। पूरे परिसर में “जय श्रीराम” और “बजरंग बली की जय” की ध्वनि गूंजती रही। भक्तों ने हनुमानजी की लीलाओं का स्मरण कर सुख-समृद्धि, साहस और ऊर्जा की कामना की।

शाम 6:30 बजे हुई महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर आरती उतारी। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया और भक्तिमय वातावरण देर रात तक बना रहा।

बालाजी धाम मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल और पुजारी नमो नारायण शास्त्री ने बताया कि हनुमान अष्टमी का यह वार्षिक उत्सव क्षेत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस वर्ष भी कार्यक्रम की शुरुआत संगीत मय सुंदरकांड से हुई और बालाजी का विशेष पंचमुखी श्रृंगार किया गया। शाम को सवा 11 किलो लड्डू का भोग लगाकर आरती पश्चात प्रसाद वितरित किया जाएगा।

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