डेस्क न्यूज
05 December, 2025
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नीमच | कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हिमांशु चंद्रा द्वारा नीमच जिले की राजस्व सीमा में नायलॉन या किसी भी सिंथेटिक सामग्री से बने डोर-चायनीज (मांझा) के निर्माण, विक्रय, भंडारण, खरीद व उपयोग पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश आगामी पर्व मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026) के मद्देनज़र जन-सुरक्षा एवं पक्षियों व आमजन के जीवन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार जिले में चायनीज मांझा या सिंथेटिक मांझा के निर्माण, विक्रय, भंडारण, खरीद तथा पतंगबाजी में उपयोग — सब पर पूर्ण रोक रहेगी। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने स्पष्ट किया है कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जारी होने की तिथि से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि चायनीज मांझे — उनकी मजबूत बनावट व धारदार धागा होने के कारण — पतंगबाजी के दौरान अक्सर पक्षियों, राहगीरों व जानवरों के लिए घातक साबित होते रहे हैं। कई बार पक्षी मांझे में उलझ कर घायल हो जाते हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है, वहीं सड़क पर चलते हुए राहगीर भी इस तेज-धार वाले धागे से कटकर घायल हो जाते हैं।
मकर संक्रांति जैसे पर्वों पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी की जाती है। ऐसे में जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर, चायना धागे के उपयोग से संभावित हादसों व जान-माल के नुकसान की आशंका को रोकने का प्रयास किया है।
इस प्रकार नीमच जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला लिया है, ताकि पर्व के अवसर पर बिना खतरे के पतंगबाजी हो सके और आमजन, पक्षी व जानवर सुरक्षित रहें।