डेस्क न्यूज
02 December, 2025
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नीमच। अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ वर्षों से न्याय की मांग कर रहे पीड़ितों का आंदोलन मंगलवार को आठवें दिन और भी उग्र हो गया। कलेक्टर कार्यालय परिसर में सहकारिता विभाग की सांकेतिक अर्थी निकालकर प्रदर्शनकारियों ने विभागीय लापरवाही के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की। “राम नाम सत्य है” के नारों के साथ किया गया यह अनोखा विरोध प्रशासन का ध्यान खींचने में सफल रहा, वहीं इस दौरान अधिकारियों और पीड़ितों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। प्रदर्शन रोकने की बात पर आक्रोशित पीड़ित सांकेतिक अर्थी लेकर परिसर में ही बैठ गए। उनका कहना था कि सहकारिता विभाग पिछले कई वर्षों से उनकी शिकायतों पर किसी भी तरह की प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है।
स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम संजीव साहू मौके पर पहुंचे और आंदोलन की अनुमति के बारे में पूछा, लेकिन प्रदर्शनकारियों के पास अनुमति पत्र नहीं होने पर प्रशासन सख्त हो गया। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में प्रदर्शन समाप्त करवाया और हल्का बल प्रयोग करके दो से तीन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पीड़ित प्रतिनिधि विकास बांगा ने बताया कि अक्षय क्रेडिट सोसायटी वर्ष 2024 से पीड़ितों के साथ आर्थिक, मानसिक और सामाजिक शोषण कर रही है। कई शिकायतों के बावजूद सहकारिता विभाग ने न तो जांच शुरू की और न ही अवैध गतिविधियों पर कोई कार्रवाई की। पीड़ितों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई उच्च अधिकारियों को भी शिकायतें भेजीं, लेकिन हर बार प्रकरण सहकारिता विभाग को ही भेज दिया गया, जहां वह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
पीड़ितों के अनुसार विभाग लगातार यह कहकर पल्ला झाड़ता रहा कि दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद मजबूर होकर 15 फरवरी 2025 को लगभग 800 पन्नों का विस्तृत दस्तावेज विभाग को सौंपा गया, जिसमें सोसायटी की संदिग्ध गतिविधियों का पूरा ब्यौरा था। दस महीने बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ितों का आरोप है कि सोसायटी के प्रतिनिधि शिकायतें वापस लेने के लिए धमकियां दे रहे हैं, जिससे परिवार मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं।