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नीमच नारकोटिक्स कार्यालय का घेराव ! पिपलियामंडी के सैकड़ों ग्रामीण एकजुट, विंग के अधिकारियों पर लगे झूठा केस बनाने का आरोप । पढ़े पूरी खबर

डेस्क न्यूज 21 November, 2025 अन्य

नीमच। मंदसौर जिले के पिपलियामंडी निवासी सैकड़ों ग्रामीण और नगरवासी शुक्रवार को केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, नीमच कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने मादक पदार्थ तस्करी के हालिया प्रकरण में गिरफ्तार गोर्धन सिंह को निर्दोष बताते हुए विभाग का घेराव किया और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मामले की पुनः जांच, निष्पक्ष समीक्षा और असली दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि गोर्धन सिंह एक साधारण मजदूर है, जो बीते वर्षों से गिट्टी, मोर्रम और अन्य निर्माण सामग्री की सप्लाई कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और उसके विरुद्ध अब तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा। ग्रामीणों ने बताया कि वह शांत, सरल और ईमानदार व्यक्ति है, जो केवल मेहनत से रोज़गार चलाता है।
घटना को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले गोर्धन सिंह गिट्टी सप्लाई का भुगतान लेने जावरा गया था, जो उसका सामान्य कार्य था। इसी आधार पर उस पर तस्करों की सहायता करने का आरोप लगाया गया, जबकि न तो उसके खिलाफ ठोस प्रमाण हैं और न ही कोई परिस्थितिजन्य साक्ष्य। ग्रामीणों ने यह भी प्रश्न उठाया कि इस प्रकरण में पिपलियामंडी निवासी दिनेश पोरवाल को नोटिस जारी कर छोड़ दिया गया, लेकिन गोर्धन सिंह को बिना नोटिस के ही आरोपी बना दिया गया—जिससे मामले पर संदेह और गहरा गया।
ग्रामीणों ने खुलासा किया कि कथित घटना के बाद स्वयं दिनेश पोरवाल ही गोर्धन सिंह को नीमच लेकर आया था, जिससे पूरा मामला और ज्यादा शंकास्पद प्रतीत होता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्तिगत कारण, गलतफहमी, या बाहरी दबाव के चलते गोर्धन सिंह को जानबूझकर झूठे प्रकरण में फंसाया गया है।
प्रदर्शन के दौरान माहौल भावुक हो उठा, जब पीड़ित की पत्नी—जिसका बच्चा गंभीर बीमारी से जूझ रहा है—अधिकारियों के चरणों में गिरकर न्याय की गुहार लगाने लगी। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे माहौल को स्तब्ध कर दिया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचंद ने किया। उन्होंने नारकोटिक्स विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग अक्सर निर्दोष लोगों पर झूठे प्रकरण बनाकर उन्हें फंसाता है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में भी पहले नोटिस देकर एक व्यक्ति से पैसे लेकर छोड़ दिया गया, जबकि गोर्धन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने मांग की कि निर्दोष को तुरंत रिहा किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की गहन एवं निष्पक्ष जांच कर सत्य उजागर नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। नारकोटिक्स अधिकारी आर.के. रजक, डिविजन ऑफिसर मंदसौर ने ज्ञापन प्राप्त कर ग्रामीणों को 7 दिनों में उचित निराकरण का आश्वासन दिया।

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