डेस्क न्यूज
19 November, 2025
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नीमच | नीमच शहर मंगलवार को यादव शौर्य दिवस के अवसर पर एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक कार्यक्रम का साक्षी बना। अहीर यादव यदुवंशी समाज और नारायणी सेना द्वारा आयोजित यह आयोजन अपनी भव्यता, अनुशासन और सामाजिक एकता के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों से हजारों समाजजन इस कार्यक्रम में शामिल हुए और संगठन की मजबूती व सामूहिक शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष हरीश अहीर के नेतृत्व में जिला, तहसील, नगर और ग्रामीण कार्यकारिणियों ने संयुक्त रूप से किया। आयोजन की शुरुआत धनेरिया कला स्थित पटेल स्कूल से हुई, जहां से भव्य वाहन रैली का शुभारंभ हुआ। दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर धर्मध्वज थामे युवाओं और वरिष्ठों ने उत्साह और गौरव से रैली में भाग लिया। रैली पटेल स्कूल से बघाना, स्टेशन रोड, कालिका माता मंदिर, सीआरपीएफ चौराहा, गरूद्वारा, एलआईसी चौराहा, मेसी शोरूम, फव्वारा चौक और कमल चौक से होती हुई टाउन हॉल पहुंची। मार्ग के विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और स्वागत द्वारों से समाजजनों ने रैली का अभिनंदन किया, जिससे वातावरण पूरी तरह शौर्य, एकता और उत्साह से ओतप्रोत रहा।
रैली के बाद टाउन हॉल में आयोजित आमसभा में नारायणी सेना के संस्थापक सुनील यादव सहित प्रदेश और जिला कार्यकारिणियों ने समाज को शिक्षा, संगठन, एकजुटता और सामाजिक उत्थान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। सभा में समाज के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए और युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। राष्ट्र के वीर शहीदों को ससम्मान श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में रेजांगला युद्ध का उल्लेख किया, जिसमें 18 नवंबर 1962 को मात्र 120 वीरों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए 1310 चीनी सैनिकों का सामना किया और 114 वीर शहीद हुए। कार्यक्रम का संचालन राकेश अहीर ने करते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समग्र रूप से यह आयोजन यादव समाज की शक्ति, अनुशासन और ऐतिहासिक गौरव का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया और पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का वातावरण उत्पन्न किया।