न्यूज डेस्क
10 November, 2025
अन्य
नीमच। मोरवन स्थित निर्माणाधीन टेक्सटाइल फैक्ट्री का मामला अब और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूरण अहीर मीडिया के सामने आए और प्रेस वार्ता में जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह फैक्ट्री गोचर भूमि पर बनाई जा रही है, जिससे क्षेत्र के जल स्रोत और पर्यावरण को गंभीर खतरा है।
पूरण अहीर ने स्पष्ट कहा — हम उद्योग का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन उसका गलत स्थान चयन पूरे क्षेत्र के भविष्य के लिए विनाशकारी है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री स्थल डैम के बेहद नजदीक है, जहां से जावद नगर की लगभग 25 हजार और सरवानिया की करीब 12 हजार आबादी को पेयजल मिलता है। इसके अलावा 30 से अधिक गांवों के किसान इसी जल से सिंचाई करते हैं। यदि यहां कपड़ा प्रोसेसिंग यूनिट चालू हुई, तो उसके रासायनिक अपशिष्ट से जल दूषित हो जाएगा।
पूरण अहीर ने आरोप लगाया कि विधायक के दबाव में प्रशासन ने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। 25 दिनों से ग्रामीण शांति से धरना दे रहे थे, लेकिन 3 नवंबर को जब हम ज्ञापन देने जा रहे थे, तो पुलिस ने रास्ता रोककर ट्रैक्टर जब्त कर लिए और जबरन जाम की स्थिति बनाई। बाद में इसी को आधार बनाकर किसानों पर केस दर्ज कर दिया गया।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और कहा कि प्रशासन जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रहा है। प्रेस वार्ता में अहीर ने यह भी दावा किया कि विधायक समर्थकों ने पत्थरबाजी करवाई ताकि आंदोलन को हिंसक दिखाया जा सके, जिससे निर्दोष ग्रामीणों पर कार्रवाई हो सके।
अहीर ने कहा, “विधायक की तानाशाही के कारण जनता की बात नहीं सुनी जा रही। वे अब तक धरने पर बैठे लोगों से मिलने तक नहीं आए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फैक्ट्री निर्माण के दौरान डैम क्षेत्र से करीब 5,000 ट्रॉली पत्थर बिना अनुमति निकाले गए, जिनका उपयोग बाउंड्री वॉल में किया गया। साथ ही ठेकेदार को सप्लाई देने में भी विधायक समर्थकों की मिलीभगत बताई। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय में शिकायत भी दी गई है।
इतना ही नहीं, पूरण अहीर ने नक्षत्र वाटिका और मंदिर भूमि पर कब्जे का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि धार्मिक आड़ में लगभग 100 बीघा भूमि पर कब्जा कर उसे परिवारजनों के नाम कराया गया है। वर्षों से उस स्थल पर पूजा-अर्चना तक नहीं हो रही, जिससे साफ है कि धर्म के नाम पर भूमि हड़पने की साजिश रची गई।
अंत में अहीर ने कहा, हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जल, भूमि, गौमाता और पर्यावरण की रक्षा के लिए है। हम सत्य और न्याय के मार्ग पर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखेंगे। जनता से अपील है कि सच्चाई के साथ खड़ी हो।