ताजासमाचार

आंवला नवमी पर नीमच में आस्था का अद्भुत संगम | महिलाओं ने की वृक्ष पूजा, मांगी मंगलकामना

डेस्क न्यूज़ 30 October, 2025 अन्य

नीमच। आंवला नवमी के पावन अवसर पर गुरुवार को नीमच शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के से ही महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सजीं-संवरी पूजा की थालियां लेकर आंवले के वृक्षों की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं।
कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित आंवले के पेड़ के नीचे भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा संपन्न की, विधि-विधान से पूजन के बाद वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन किया और परिवार के सुख, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी या धात्री नवमी भी कहा जाता है, कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। स्कंद पुराण और पद्म पुराण में वर्णन है कि आंवला वृक्ष स्वयं भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष में निवास करते हैं, इसलिए इसकी पूजा करना विष्णु आराधना के समान फलदायक माना जाता है।
पूरे नीमच जिले में मंदिरों, कॉलोनियों और गांवों में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। वृक्ष पूजन के बाद महिलाओं ने भजन-कीर्तन और कथा श्रवण किया। कई स्थानों पर सामूहिक परिक्रमा कर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप किया गया और आंवले के पेड़ तले प्रसाद ग्रहण किया गया।
धार्मिक मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर किया गया भोजन अक्षय पुण्य प्रदान करता है और संतति, सौभाग्य व स्वास्थ्य में वृद्धि करता है।

Related Post