जगदीश पोरवाल
29 October, 2025
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भवानीमंडी। अब तक सिर्फ स्कूलों में खासकर शाकीय विद्यालयों में बच्चे ही युनिफॉर्म में नजर आते थे, लेकिन अब राजस्थान के भवानीमंडी शिक्षा ब्लॉक ने एक नया इतिहास रच दिया है। यहां शिक्षा विभाग ने एक अभिनव पहल के तहत सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और अधिकारी-कर्मचारियों के लिए गणवेश अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय के बाद भवानीमंडी ब्लॉक राजस्थान का पहला शिक्षा ब्लॉक बन गया है, जहाँ पूरा विभाग एक समान ड्रेस कोड में कार्य करेगा।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नवीन चंद मीणा और अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कल्याणमल मेघवाल के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य शिक्षा विभाग में अनुशासन, एकरूपता और सकारात्मक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना है।
जारी निर्देशों के अनुसार सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रतिदिन विद्यालय में निर्धारित गणवेश में अध्यापन कार्य करेंगे। जबकि कार्यालय स्तर पर कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहेंगे।
मना जा रहा है कि इस नवाचार से शिक्षा विभाग में अनुशासन और एकता की भावना और अधिक मजबूत होगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच विभाग की सशक्त, प्रेरक और अनुशासित छवि स्थापित होगी। शिक्षकों के लिए यह ड्रेस कोड समानता का प्रतीक बनेगा और विभागीय कार्य संस्कृति के साथ-साथ टीम भावना में भी सुधार आने की उम्मीद है।
वहीँ कुछ कर्मचारियों का मानना है कि गणवेश की अनिवार्यता व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आराम दायक कार्यशेली को प्रभावित कर सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के लिए प्रतिदिन गणवेश पहनकर आना व्यवहारिक दृष्टि से कठिन साबित हो सकता है। इसके अलावा, यदि गणवेश की गुणवत्ता और उपलब्धता में असमानता रही तो यह व्यवस्था कर्मचारियों के लिए बोझिल भी बन सकती है।
फिर भी, अधिकांश शिक्षकों और अभिभावकों ने इसे "अनुशासन की दिशा में सराहनीय कदम" बताया है। यह पहल भवानीमंडी ब्लॉक को न केवल प्रदेश बल्कि देशभर में शिक्षा विभाग के सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बना सकती है।
“हम चाहते हैं कि शिक्षा विभाग भी बच्चों की तरह अनुशासन और एकरूपता का उदाहरण बने,”- नवीन चंद मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, भवानीमंडी