डेस्क न्यूज़
28 October, 2025
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भोपाल। साल 2024-25 में मध्य प्रदेश के 465 सरकारी स्कूलों में एक भी छात्र का प्रवेश नहीं हुआ, यह जानकारी केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों में सामने आई है। देशभर में ऐसे स्कूलों की संख्या 8 हजार है, और मप्र इस सूची में पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के बाद तीसरे स्थान पर रहा। इन शून्य-प्रवेश वाले स्कूलों में कुल 223 शिक्षक नियुक्त हैं।
यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE) प्लस की ताजा रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि प्राथमिक स्तर पर 2022-23 में मप्र में 470 स्कूलों में कोई प्रवेश नहीं हुआ था, जो 2023-24 में घटकर 370 रह गए। रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि शून्य या बहुत कम प्रवेश वाले स्कूलों में भवन और अन्य संसाधन अनुपयोगी साबित हो रहे हैं।
इसके अलावा, मप्र के सरकारी स्कूलों में इंटरनेट और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं राष्ट्रीय औसत के मुकाबले काफी कम पाई गई हैं। रविवार को जारी एक वक्तव्य में केंद्रीय शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्कूल शिक्षा राज्यों का विषय है, इसलिए शून्य प्रवेश वाले स्कूलों की समस्या का समाधान राज्यों के स्तर पर करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि कम प्रवेश वाले स्कूलों को मर्ज करने से संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।