डेस्क न्यूज़
27 October, 2025
प्रशासनिक
नीमच | राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (NCSAM) के तहत नीमच जिले के विभिन्न थानों की पुलिस ने छात्रों और आमजन के बीच साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य लोगों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग सिखाना और ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश, अवैध लोन ऐप्स, सोशल मीडिया फ्रॉड व डिजिटल ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से सतर्क करना रहा।
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन में जिले के सभी थाना प्रभारियों को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिलेभर में हुआ जनजागरण
साइबर सुरक्षा कार्यक्रमों का आयोजन इन स्थानों पर हुआ —
नीमच सिटी थाना: शासकीय हाई स्कूल, जवासा
बघाना थाना: कृषि उपज मंडी, बघाना
जावद (चौकी सरवानिया महाराज): ईनोसेंट स्कूल, सरवानिया महाराज
मनासा (चौकी कन्जार्डा): बस स्टैंड कन्जार्डा एवं चरलिया फंटा
कुकड़ेश्वर थाना: पीएम श्री हायर सेकंडरी स्कूल, ग्राम कुंडला
रामपुरा थाना: सांदिपनी लाइब्रेरी एवं कोचिंग क्लास, रामपुरा
इन सभी स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों की पहचान और उनसे बचने के व्यावहारिक तरीके बताए।
छात्रों को दिए ये जरूरी डिजिटल टिप्स
विश्वसनीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
ऑनलाइन डेटिंग साइट्स से दूर रहें।
ईमेल, नेट बैंकिंग और सोशल मीडिया पासवर्ड मजबूत रखें व नियमित बदलते रहें।
अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए प्राइवेसी सेटिंग्स का उपयोग करें।
मोबाइल या लैपटॉप की मरम्मत केवल विश्वसनीय तकनीशियन से कराएँ।
ऑनलाइन लॉटरी, केबीसी, कैशबैक, जॉब या लोन ऑफर जैसी स्कीमों से सावधान रहें।
'डिजिटल अरेस्ट' से रहें सतर्क
अधिकारियों ने बताया कि इन दिनों ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए ऑनलाइन फ्रॉड सामने आ रहे हैं, जिनमें साइबर ठग सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ऐंठते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि अगर किसी के साथ साइबर ठगी या ऑनलाइन फ्रॉड होता है तो वे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। त्वरित सूचना देने से धन की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।
लोगों की बड़ी भागीदारी
कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र, शिक्षक और आमजन शामिल हुए। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम डिजिटल युग में आत्मरक्षा की तरह जरूरी हैं।