डेस्क न्यूज़
19 October, 2025
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भोपाल | मध्य प्रदेश सरकार ने नागरिकों की शिकायतों के शीघ्र और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए एल-5 स्तर जोड़ा है। इस नई व्यवस्था में अब मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव स्वयं लंबित और गंभीर शिकायतों की निगरानी करेंगे। यह पूरी प्रणाली गुजरात मॉडल पर आधारित होगी, जिसकी सटीक कार्यप्रणाली का अध्ययन राज्य के अधिकारियों द्वारा पहले ही किया जा चुका है।
नई व्यवस्था के तहत अब हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही स्पष्ट होगी। खास बात यह है कि एल-1 स्तर पर अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य कर दिए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से देखा जा रहा है और केवल कंप्यूटर ऑपरेटर के भरोसे काम नहीं चल रहा।
इसके साथ ही यदि किसी शिकायत को फोर्स क्लोज किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी को शिकायतकर्ता को इसका ठोस कारण बताना होगा। इससे शिकायतकर्ता को पारदर्शिता मिलेगी और मनमानी की संभावना खत्म होगी।
अब तक सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें निचले स्तर पर ही सुलझाने की कोशिश होती थी, लेकिन कई गंभीर और बार-बार आने वाली शिकायतें लंबित रह जाती थीं। एल-5 स्तर की निगरानी से अब उच्चतम प्रशासनिक स्तर पर इन शिकायतों पर नजर रखी जाएगी। इससे न केवल शिकायतों का समाधान तेज़ होगा, बल्कि गुणवत्ता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
राज्य सरकार की यह पहल नागरिकों को एक अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावशाली शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न केवल जनता का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक सुधारों को भी नई दिशा मिलेगी।