न्यूज डेस्क
15 October, 2025
नीमच। पुरानी कृषि उपज मंडी बुधवार को युद्धभूमि का नज़ारा पेश करती दिखी। मूंगफली के भाव में आई भारी गिरावट ने किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। देखते ही देखते मंडी में हंगामा शुरू हो गया और किसानों ने एक व्यापारी को दौड़ा-दौड़ा कर भगा दिया। मौके पर अफरातफरी मच गई और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
किसानों के अनुसार, पिछले दो दिनों से मूंगफली के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था। जहां सोमवार को दरें 5500 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल थीं, वहीं बुधवार को ये गिरकर मात्र 2200 से 2500 रुपये तक रह गईं। अचानक हुई इस गिरावट ने किसानों को भड़का दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारी मनमाने तरीके से बोली लगाकर किसानों को ठग रहे हैं।
किसानों का यह भी कहना था कि रसीद में 4000 रुपये प्रति क्विंटल की एंट्री की जा रही है, लेकिन मौके पर भुगतान मात्र 2500 से 3200 रुपये तक ही दिया जा रहा है। यह सुनकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने मंडी में मौजूद व्यापारी ऋषि अग्रवाल को घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख व्यापारी वहां से भाग निकला।
इसके बाद किसानों ने मंडी गेट पर ताला लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी—“भाव बढ़ाओ या मंडी बंद करो।” कुछ देर के लिए पूरा मंडी परिसर विरोध के नारों से गूंज उठा।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम संजीव साहू, तहसीलदार संजय मालवीय, मंडी सचिव समीर दास और थाना प्रभारी निलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को शांत करने की कोशिश की और स्थिति पर नियंत्रण पाने में जुटे रहे।
एसडीएम संजीव साहू ने कहा कि मामले में मंदसौर मंडी के भाव भी लिए हैं वहां भी लगभग इसी भाव पर नीलामी हुई। दोनों पक्षों के साथ बातचीत कर समाधान का प्रयास कर रहे हैं।
व्यापारी प्रतिनिधि नवल मित्तल ने कहा की बेवजह कुछ लोग माहौल खराब कर रहे हैं और व्यापारियों को आतंकित कर रहे हैं । जैसा माल होगा वैसा भाव मिलता है। ऐसे में व्यापारियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कारवाई करने तक कोई बात नहीं होगी।
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी किसानों और व्यापारियों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर मूंगफली के दाम स्थिर नहीं हुए तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
— द वॉचमैन पोस्ट