डेस्क न्यूज़
09 October, 2025
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नीमच | मंदिरों में तो भगवान रहते हैं... लेकिन जब वहां व्यवस्था नहीं, सम्मान नहीं, और श्रद्धा का अपमान हो, तो आस्था भी सवाल पूछने लगती है। नीमच जिले के सरवानिया महाराज स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री बाबारामदेव जी मंदिर में व्याप्त अव्यवस्थाओं और पुजारी की मनमानी के विरोध में आज श्रद्धालुओं का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में सरवानिया महाराज और आसपास के ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को कड़ा ज्ञापन सौंपा। श्रद्धालुओं का कहना है कि- यह मंदिर पूरे भारत में स्थित श्री रामदेव जी के तीन प्रमुख मंदिरों में से एक है, जहां से भादवी बीज पर निकलने वाली ध्वजा, सीधे रूणिजा धाम तक चढ़ाई जाती है। लेकिन दुःख की बात यह है कि — इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर न तो पूजा-पाठ की नियमित व्यवस्था है, न साफ-सफाई, और न ही समय-सारणी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुजारी द्वारा मंदिर की जमीन, सेवाओं और व्यवस्था पर पूर्ण एकाधिकार जताया जा रहा है। इतना ही नहीं... श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और दर्शन में जानबूझकर बाधा डालने के आरोप भी लगाए गए हैं, श्रद्धालुओं की मांग है कि — मंदिर में पीने के पानी, लाइट, और सीसीटीवी कैमरों जैसी मूलभूत सुविधाएं तुरंत उपलब्ध करवाई जाएं। साथ ही, मंदिर के रख-रखाव, जिर्णोद्वार और सही प्रबंधन के लिए एक स्वतंत्र मंदिर प्रबंधन समिति का गठन किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि —यह केवल हमारी आस्था नहीं, हमारी पहचान है। यदि प्रशासन जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो हम सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।