डेस्क न्यूज़
06 October, 2025
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नीमच। श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज, नीमच द्वारा अपने आराध्य देव महाराजा श्री अजमीढ़ जी की जयंती बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। यह उत्सव चार दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला के रूप में आयोजित किया गया है, जिसमें समाजजनों की उत्साही भागीदारी देखने को मिल रही है।
कार्यक्रमों की शुरुआत के दूसरे दिन रविवार को स्वर्णकार धर्मशाला परिसर में समाजजनों के लिए “श्री स्वर्णकार आनंद मेला” का आयोजन किया गया। इस मेले में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले में मनोरंजन, खेल, खानपान और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण देखने को मिला। शाम के समय आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विभिन्न वेशभूषाओं में आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तीसरे दिन सोमवार को महाराजा श्री अजमीढ़ जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रातः 10 बजे एक भव्य वाहन रैली निकाली गई। यह रैली स्वर्णकार धर्मशाला से प्रारंभ होकर मेस्सी फर्गुसन चौराहा, डाक बंगला, इंदिरा नगर, भगवानपुर, प्रताप चौक, सांवरिया मंदिर रोड, बस स्टैंड, बारादरी, नया बाजार, घंटाघर, तिलक मार्ग, पुस्तक बाजार, विजय टॉकीज चौराहा, लायन्स पार्क, अजमीढ़ जी चौराहा होते हुए पुनः धर्मशाला पर समाप्त हुई। रैली में सैकड़ों की संख्या में समाजजन शामिल हुए और शहरभर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर रैली का भव्य स्वागत किया गया।
दोपहर 3:30 बजे से धर्मशाला परिसर में महिला क्रिकेट, सितोलिया, चेयर रेस, वन मिनिट गेम्स जैसे मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में समाज के बच्चों और युवाओं ने रंगारंग प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। समाज के महिला मंडल, नवयुवक मंडल और वरिष्ठजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में समाज के पदाधिकारियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। समाज अध्यक्ष जितेंद्र सोनी (मौला), सचिव जितेंद्र सोनी (आर्ट्स), उपाध्यक्ष कन्हैया सोनी व रवि वर्मा, कोषाध्यक्ष मनोज वर्मा, सह सचिव कन्हैया सोनी (कारीगर), नवयुवक मंडल अध्यक्ष विरल सोनी, सचिव कृष्णा सोनी और कोषाध्यक्ष पुनीत सोनी सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने पूर्ण समर्पण के साथ आयोजन की रूपरेखा बनाई और उसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
समाजजनों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह है और शेष कार्यक्रमों को लेकर भी गहरी प्रतीक्षा बनी हुई है। महाराजा अजमीढ़ जी की जयंती पर आयोजित यह चार दिवसीय आयोजन समाज की एकता, संस्कृति और परंपरा के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया है।