डेस्क न्यूज़
23 September, 2025
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नीमच | विकास के दावों और विज्ञापनों से सजी सरकार की तस्वीर को जमीनी हकीकत ने एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है। जावद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बांगरेड़ के ग्रामीणों ने मंगलवार को नीमच कलेक्टर और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गांव की बदहाल सड़क की दुर्दशा पर गहरी नाराजगी जताई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। स्थिति इतनी ख़राब है कि बीमारों और गर्भवती महिलाओं को ट्रैक्टर-ट्रॉली में अस्पताल ले जाना पड़ता है। बरसात में तो हालत और बिगड़ जाती है न तो एंबुलेंस पहुंच सकती है, न ही बच्चों को स्कूल जाने का रास्ता मिलता है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ना तो सरपंच ध्यान देता है और ना ही विधायक को गांव की सुध है। चुनाव के समय वादों की झड़ी लगा दी जाती है, लेकिन चुनाव बीतते ही सब कुछ फिर से खामोश हो जाता है। जनप्रतिनिधि सिर्फ भाषणों तक सीमित होकर रह गए हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सीएम हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन हर बार पंचायत स्तर पर सिर्फ कागजी कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। स्थायी समाधान के नाम पर कोई ठोस पहल अब तक नहीं हुई। गांव के लोग अब सरकार से नहीं, सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सिस्टम इस बार सच में जागेगा, या बांगरेड़ की जनता यूं ही दलदल में फंसी रहेगी, जहां सड़क की मांग खुद कीचड़ में धंसती जा रही है ?