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नीमच जिले में मत्स्य पालन का नवाचार , प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से पहली बार पेन कैचर व नए केज कल्चर की स्थापना

डेस्क न्यूज़ 15 September, 2025 प्रशासनिक

नीमच। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत देशभर में मछुआरों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के नीमच जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार हुआ है। जिले में पहली बार पेन कैचर इकाइयों की स्थापना और नए केज कल्चर की शुरुआत की गई है, जिससे मछुआरों की आय और मत्स्य उत्पादन दोनों में तेजी से वृद्धि हो रही है।

पहली बार पेन कैचर इकाई

नीमच जिले के रतनगढ़ क्षेत्र स्थित नया-पुराना डेम पर जय जोगणिया मत्स्य सहकारी समिति को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से 2 हेक्टेयर क्षेत्र में पेन कैचर इकाई स्थापित करने का अवसर मिला है। समिति को इस हेतु 3.60 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। यह जिले में पहली बार हुआ है, जिसने मत्स्य पालन की दिशा में नई राह खोली है।

चार नए केज कल्चर

इसके साथ ही जिले में चार नए केज कल्चर की भी स्थापना की गई है। इस तकनीक से मछलियों की उत्पादकता अधिक होती है और मछुआरे बाजार की मांग के अनुसार बेहतर गुणवत्ता की मछलियां तैयार कर सकते हैं। इस नवाचार ने स्थानीय समितियों की आय में नई संभावनाएं जोड़ी हैं।

परिवहन और वित्तीय सहयोग

योजना के अंतर्गत मछुआरों को मोटरसाइकिल व ऑटो रिक्शा विद आइस बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे मछलियों को सुरक्षित रखकर उचित भाव पर बाजार तक पहुंचा सकें। इसके अलावा “बचत सह राहत योजना” के तहत बंद ऋतु के दौरान प्रत्येक पात्र मछुआरे को 3000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में जमा की जा रही है।

जिले का नवाचार बना राष्ट्रीय उदाहरण

नीमच के मत्स्य विभाग अधिकारी देवचंद शाह इनवाती ने बताया कि पेन कैचर और केज कल्चर की स्थापना से मत्स्य उत्पादन में तेजी आएगी और समितियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। वहीं जय जोगणिया मत्स्य सहकारी समिति के सचिव गोपाल दास का कहना है कि योजना से समिति के सदस्यों को आय बढ़ाने के नए अवसर मिले हैं।

नीमच जिले की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण प्रस्तुत कर रही है कि कैसे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देकर मछुआरों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है।

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