डेस्क न्यूज़
02 September, 2025
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नीमच। जिले के जावद तहसील अंतर्गत ग्राम पालराखेड़ा के किसानों ने खरीफ सीजन में सोयाबीन फसल को हुए भारी नुकसान को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सोयाबीन की फसल पर फूलमाला और अगरबत्ती चढ़ाकर "जय जवान मर गया किसान" के नारे लगाए तथा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस प्रदर्शन ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।किसानों का कहना है कि इस वर्ष गांव पालराखेड़ा में सोयाबीन की फसल पर पीला मोजेक रोग फैलने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। रोग के कारण पौधे सुखने लगे हैं और फलन नहीं हो रहा,जिससे किसानों को भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि बार-बार अवगत कराने के बाद भी अब तक ना तो राजस्व विभाग ने स्थल निरीक्षण किया और ना ही फसल नुकसानी का सर्वे किया गया है।गांव के किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराने और क्षतिपूर्ति स्वरूप मुआवजा राशि दिलाने की मांग की गई है। साथ ही पूर्व में वितरित फसल बीमा राशि भी गांव पालराखेड़ा में किसानों को नहीं मिली, जिसके लिए जांच कर बीमा कंपनी को राशि वितरित करने के निर्देश देने की अपील की गई है।किसानों का कहना है कि बार-बार प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो रही। ऐसे में उन्होंने “गूंगी-बहरी सरकार” को जगाने के लिए हनुमान चालीसा पाठ कर यह अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।इस मामले में एसडीएम संजीव साहू ने बताया कि किसानों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर संज्ञान लिया गया है। जिले में प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा और जल्द ही खेतों का निरीक्षण कर फसल नुकसान का आकलन कराया जाएगा।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर सर्वे कर मुआवजा राशि नहीं दी गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।