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ऑपरेशन सिंदूर की गूंज के साथ पहुंची भव्य कावड़ यात्रा,श्रद्धा-भक्ति और देशभक्ति का दिखा संगम

डेस्क न्यूज़ 28 July, 2025 सामाजिक

नीमच। सनातन धर्म के पवित्र श्रावण मास के तृतीय सोमवार, 28 जुलाई को नीमच नगर धार्मिक आस्था, भक्ति और देशभक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बना। श्री टेड़ेश्वर महादेव मित्र मंडल एवं श्री राम प्रभात फेरी भक्त मंडली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 5वीं भव्य कावड़ यात्रा ने 20 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण कर नीमच शहर में प्रवेश किया। इस यात्रा की विशेषता रही "ऑपरेशन सिंदूर" की कावड़, जो पूरे आयोजन का केंद्रबिंदु बनी रही और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत शिवभक्तों का मनोबल बढ़ाती रही।इस यात्रा की शुरुआत नीमच के समीपवर्ती गाँव श्री नीलकंठ महादेव मंदिर, बोरखेड़ी से हुई। यात्रा का मार्ग रेवली देवली, गिरदौड़ा,और नीमच शहर के प्रमुख मार्गों से होकर खेड़ी मोहल्ला स्थित श्री टेड़ेश्वर महादेव मंदिर तक तय किया गया। जहां शिवभक्तों ने पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक किया। यात्रा में 5 वर्ष के बच्चों से लेकर 75 वर्ष तक के श्रद्धालु उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए। लगभग 200 से अधिक कावड़िए इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बने।मित्र मंडल के सदस्य राजू वैद्य ने जानकारी दी कि यह आयोजन पांच वर्ष पूर्व मात्र सात कावड़ियों से शुरू हुआ था, और आज यह जनभागीदारी व शिवभक्ति की पहचान बन चुका है। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के स्वागत, जलपान एवं विश्राम की व्यवस्था की गई थी। नीमच शहरवासियों ने भी पुष्पवर्षा और जयघोषों के साथ कावड़ियों का स्वागत कर आयोजन को भव्यता प्रदान की।यात्रा का प्रमुख आकर्षण रही "ऑपरेशन सिंदूर" की कावड़, जिसे दीपक नागदा ने विशेष रूप से इस यात्रा में शामिल किया। उन्होंने बताया कि यह कावड़ भारतीय सेना की वीरता और महिला सुरक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाने हेतु बनाई गई है। "ऑपरेशन सिंदूर" भारत सरकार द्वारा पुलवामा आतंकी हमले के पश्चात आतंकवाद को करारा जवाब देने और महिलाओं के आत्म-सम्मान एवं सुरक्षा हेतु चलाया गया एक प्रतीकात्मक संदेश है, जिसे इस धार्मिक यात्रा के माध्यम से जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।इसके अतिरिक्त, इस यात्रा में 80 किलो वजनी विशेष कावड़ भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसे युवाओं ने साहस और श्रद्धा से उठाकर पूरे मार्ग में लहराया। यात्रा के समापन पर श्री टेड़ेश्वर महादेव मंदिर में महाआरती एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की और भक्ति भाव से ओतप्रोत माहौल में शिव नाम संकीर्तन किया।यह आयोजन ना केवल शिवभक्ति का प्रतीक बना, बल्कि "ऑपरेशन सिंदूर" के माध्यम से समाज में राष्ट्रभक्ति, महिला सुरक्षा, और जनजागरूकता का संदेश भी सफलतापूर्वक प्रसारित करने में सक्षम रहा।

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