निर्मल मुंदड़ा
21 July, 2025
सामाजिक
मामला ग्राम पंचायत बधावा के बीरमपुर ग्राम के बदहाल शमशान मार्ग का
जावद. आजादी के 75 वर्षों के बाद भी नीमच जिले के जावद क्षेत्र के बधावा पंचायत के ग्राम बीरमपुर के हालात देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आज भी गांव के लोग नारकिय जीवन जीने पर विवश हैं । ग्राम पंचायत बधावा के बंजारा बाहुल्य ग्राम बीरमपुरा जहां की आबादी लगभग 125 के करीब है। यहां पर किसी की भी मृत्यु के पश्चात मृतक के शव को शमशान घाट ले जाने वाले रास्ते की हालत बद से बदतर होकर नेताओं एवं शासन प्रशासन के बड़े-बड़े विकास कार्यों की पोल खोल रहा है। ग्रामीणों को शवयात्रा को शमशान स्थल तक ले जाने के दौरान कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए कमर से भी ऊपर तक पानी की नदी में से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार समय-समय पर हमने क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों, विधायक, जनपद पंचायत अध्यक्ष, ग्राम पंचायत सरपंच, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ सहित प्रशासनिक अधिकारियों को उक्त समस्या से अवगत कराकर पुलिया निर्माण की मांग की है। लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। हमारी समस्या के समाधान के प्रति किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। रविवार को जावद क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत बधावा पंचायत के बीरमपुरा के बंजारा समाज के रंजीत बंजारा की मृत्यु के पश्चात शव यात्रा को शमशान स्थल तक ले जाने एवं मृतक की चिता को मुखाग्नि देने के लिए रास्ता नहीं होने से जिन परेशानियों का सामना करते हुए गुजरना पड़ा आप चित्र में देख सकते हैं।
इनका कहना-
इस संबंध में ग्रामीणो से प्राप्त जानकारी के पश्चात वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाकर मामले से अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही ग्रामीणों से चर्चा कर गांव में ही शासकीय जमीन पर उक्त गांव वालों के लिए मुक्तिधाम की जगह की व्यवस्था करवा दी जाएगी।
-उमेश व्यास सचिव ग्राम पंचायत बधावा