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या हसन या हुसैन की गुंजी सदाएं,  बोहरा समाज में छाया मातम - शहीदाने कर्बला को किया याद 

न्यूज डेस्क 03 July, 2025 सामाजिक

नीमच। देष दुनिया सहित नीमच में भी मुहर्रम का पाक महिना की शुरूआत आषूरे से हो चुकी है। जिसमें बोहरा समाजजन शिदत - ओ- अकीदत से हजरत इमाम हुसैन सहित शहीदाने कर्बला को याद कर रहे है। बोहरा बाजार स्थित हुसामी मस्जिद में मुल्ला शब्बीर भाई मुल्ला नोमान अली साहब के नेतृत्व में वाअज़ का आयोजन हो रहा है, वहीं बोहरा कॉलोनी स्थित नजमी मस्जिद में शेख खोज़ेमा भाई शेख सैफुद्दीन कागल वाला साहब वाअज़ फरमा रहे हैं। इन वाअज़ों में इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में दी गई बेमिसाल कुर्बानियों का मार्मिक वर्णन किया जा रहा है। जब इमाम हुसैन ने अन्याय और ज़ुल्म के खिलाफ अपनी जान कुर्बान की, तब उनके साथ उनके परिवार और साथियों ने भी प्यासे रहकर धर्म और इंसानियत के लिए बलिदान दिया। इन वाकयों का जिक्र सुनकर मौजूद समाजजन की आँखें नम हो जाती हैं और दिल से "या हुसैन" की सदाएं गूंज उठती हैं।रात के समय दोनों मस्जिदों में मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ नोहे और मर्सिए पढ़े जाते हैं। इन मजलिसों में इमाम हुसैन की मुसीबतों और उनके परिवार पर बीती तकलीफों को याद करते हुए मातम किया जाता है। यह मातम न केवल ग़म का इज़हार है बल्कि इमाम हुसैन के प्रति प्रेम, निष्ठा और उनके सिद्धांतों के लिए सम्मान का प्रतीक भी

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