डेस्क न्यूज़
14 July, 2026
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नीमच। खेती बचाने की गुहार लेकर मंगलवार को मनासा तहसील के महागढ़ और मौजा बरखेड़ा के किसान जिला कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे। किसानों ने अवैध खनन, क्रेशर संचालन और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि ग्राम महागढ़ निवासी हीरेन्द्रसिंह पिता नरेंद्रसिंह चंद्रावत द्वारा स्वीकृत खनन अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए बड़े स्तर पर उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी और भारी मशीनों के जरिए शासकीय भूमि सहित कई सर्वे नंबरों पर खनन किया जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना जरूरी अनुमति के क्रेशर संचालित किया जा रहा है और खनन से निकलने वाली मिट्टी-मुरम का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की परेशानियां भी बढ़ रही हैं।
किसानों ने बताया कि क्रेशर से उड़ने वाली धूल और मिट्टी खेतों तक पहुंच रही है, जिससे फसलों पर असर पड़ रहा है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। वहीं ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर खेतों तक पहुंचने से फसलों को नुकसान और ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी मशीनों से हो रही खुदाई के कारण खेतों तक जाने वाले रास्ते और पारंपरिक जल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं। इससे क्षेत्र के किसानों के सामने खेती को लेकर नई समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन से खनिज विभाग के माध्यम से मौके पर जांच, तकनीकी माप और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो खनन अनुबंध निरस्त किया जाए, राजस्व नुकसान की वसूली की जाए और अवैध रूप से संचालित क्रेशर को तत्काल सील किया जाए।