डेस्क न्यूज़
14 July, 2026
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नीमच। जिस रास्ते से किसान वर्षों से अपने खेतों तक पहुंचते थे, आज उसी रास्ते के बंद होने से उनकी खेती पर संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में ग्राम धामनिया के ग्रामीण अपनी इसी समस्या को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पुश्तैनी खेत मार्ग खुलवाने की मांग की।
ग्राम धामनिया की राधाबाई मेहतर सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया कि उद्योग विभाग द्वारा भूमि आवंटन के बाद लगाए गए प्रीकास्ट बैरियर और दीवार के कारण उनका वर्षों पुराना रास्ता बंद हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सर्वे नंबर 13/1 की भूमि पर लगाए गए बैरियर के कारण सर्वे नंबर 13/2, 13/3 और 13/4 में स्थित उनकी कृषि भूमि तक पहुंचने का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। किसानों का कहना है कि यह रास्ता उनके लिए सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि उनकी खेती और आजीविका का आधार है।
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने के बाद खेतों तक ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना मुश्किल हो गया है। समय पर खेतों में काम नहीं हो पाने से खेती प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी जनसुनवाई में शिकायत कर चुके हैं। शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच भी की थी, लेकिन बाद में तहसीलदार द्वारा उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इससे किसानों में निराशा और नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि कृषि ही उनके परिवारों की मुख्य आजीविका है। यदि खेत तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं रहेगा तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वर्षों से उपयोग में आ रहे पुश्तैनी रास्ते को तत्काल बहाल कराया जाए।
किसानों ने जिला कलेक्टर से संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने और उन्हें रास्ते का अधिकार दिलाने की मांग की है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर उनकी बंद पड़ी राह कब तक खुल पाती है।