डेस्क न्यूज़
09 July, 2026
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भोपाल । मध्यप्रदेश को सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े करीब तीन दशक पुराने पुनर्वास एवं पुनर्बसाहट व्यय विवाद में बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक सहमति बनी, जिसके बाद मध्यप्रदेश का वित्तीय भार काफी कम हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद और जल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे राज्यों के बीच समन्वय और आपसी सहमति का नया उदाहरण स्थापित हुआ है।
1500 करोड़ की जगह अब केवल 231.80 करोड़ का भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत के अटॉर्नी जनरल की फरवरी 2026 की राय के अनुसार मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 31.98 प्रतिशत तय हुई थी, जिसके आधार पर राज्य को गुजरात को लगभग 1500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता।
हालांकि दिल्ली में हुई चार राज्यों की बैठक में सर्वसम्मति से मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी घटाकर 16.17 प्रतिशत कर दी गई। इसके बाद अब राज्य को केवल 231.80 करोड़ रुपये ही चुकाने होंगे। इससे मध्यप्रदेश को करीब 1268 करोड़ रुपये की बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।
चारों राज्यों की नई हिस्सेदारी
बैठक में सरदार सरोवर परियोजना के पुनर्वास व्यय की नई हिस्सेदारी भी तय की गई—
गुजरात : 75 प्रतिशत
मध्यप्रदेश : 16.17 प्रतिशत
महाराष्ट्र : 7.66 प्रतिशत
राजस्थान : 1.17 प्रतिशत
इस समझौते के तहत गुजरात को सहभागी राज्यों से कुल 553.43 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
प्रदेश को मिल रहा है बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से मध्यप्रदेश को कुल उत्पादित बिजली का 57 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। अब तक प्रदेश को करीब 3900 करोड़ यूनिट बिजली औसतन 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्राप्त हुई है।
इसके अलावा इस परियोजना से प्रदेश की 31 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। वहीं जबलपुर, कटनी, देवास, उज्जैन, इंदौर, धार सहित कई शहरों और पीथमपुर, देवास व विक्रम उद्योगपुरी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को भी नर्मदा का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता राज्यों के बीच सहयोग और विकास की भावना को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक आर्थिक और विकासात्मक लाभ मिलेगा।