डेस्क न्यूज़
05 July, 2026
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नीमच। अक्सर पुलिस की पहचान कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, लेकिन नीमच जिले की रतनगढ़ पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खाकी सिर्फ सुरक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता की मिसाल भी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता ने एक होनहार छात्र का भविष्य संवरने में अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के मुरैना जिले निवासी रौनक कुशवाहा हॉस्पिटल असिस्टेंट भर्ती परीक्षा देने के लिए ग्राम नेवड़ स्थित एस.आर. कॉलेज परीक्षा केंद्र जा रहे थे। कोटा से सिंगोली और सिंगोली से रतनगढ़ पहुंचने में बस लेट हो जाने के कारण उनकी नीमच जाने वाली बस निकल गई। परीक्षा का समय नजदीक होने से छात्र काफी परेशान और तनाव में था। उसे लगने लगा कि समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाने से उसका एक साल का परिश्रम व्यर्थ हो जाएगा।
इसी दौरान रौनक ने रतनगढ़ थाना क्षेत्र में संचालित डायल-112 आपातकालीन सेवा (FRV-08) से मदद मांगी। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक मनीष पाटीदार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल थाना प्रभारी बी.एल. भाबर को अवगत कराया। थाना प्रभारी ने नीमच कंट्रोल रूम से आवश्यक अनुमति प्राप्त की, जिसके बाद चालक देवेंद्र सोलंकी के साथ पुलिस वाहन से छात्र को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए छात्र को वाहन में बैठाया और पूरी तत्परता के साथ ग्राम नेवड़ स्थित एस.आर. कॉलेज परीक्षा केंद्र पहुंचाया। पुलिस की इस समयबद्ध कार्रवाई के चलते रौनक कुशवाहा निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गए और राहत की सांस लेते हुए परीक्षा में शामिल हो सके।
परीक्षा केंद्र पहुंचने के बाद छात्र ने रतनगढ़ पुलिस और नीमच जिला पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय पर मदद नहीं करती तो वे परीक्षा से वंचित रह जाते। रौनक ने पुलिस की इस संवेदनशील और मानवीय पहल को जीवनभर याद रखने की बात कही।
रतनगढ़ पुलिस की इस सराहनीय पहल की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि खाकी का यह मानवीय चेहरा समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है। समय पर की गई यह छोटी-सी मदद एक छात्र के भविष्य के लिए बड़ी राहत साबित हुई और पुलिस ने अपने कर्तव्य के साथ-साथ मानवता का भी उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।