डेस्क न्यूज़
04 July, 2026
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नीमच। गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर देशभर में संचालित राष्ट्रीय स्तर के "गौ सम्मान आह्वान अभियान" के तहत शनिवार को नीमच सिटी स्थित सांवरिया सेठ मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में संतों, गौसेवकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अभियान को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की तथा 27 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित गौ रथ यात्रा और ज्ञापन कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी का आह्वान किया।
बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में नंद बाबा प्रकाश नारायण गिरी उपस्थित रहे। उनके साथ स्वामी गौ शरणानंद सरस्वती, सांवरिया सेठ मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राजेंद्र पुरोहित सहित बड़ी संख्या में संत, गौसेवक और श्रद्धालु मौजूद रहे।
स्वामी गौ शरणानंद सरस्वती ने बताया कि गौ सम्मान आह्वान अभियान पूरे देश में संत समाज के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य गौ माता को सम्मान दिलाना, गौ हत्या पर प्रभावी केंद्रीय कानून बनाए जाने की मांग उठाना तथा गौ संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरण करना है। उन्होंने कहा कि देशभर के संत, गौसेवक और गौभक्त इस अभियान से लगातार जुड़ रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 27 जुलाई को देश के 790 जिलों में एक साथ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टरों के माध्यम से सौंपे जाएंगे। नीमच जिले में भी सभी तहसीलों एवं गौशालाओं से गौ रथ यात्राएं निकाली जाएंगी। प्रत्येक गौशाला से गौ माता को रथ पर विराजमान कर अथवा गौ माता के चित्र के साथ रथ तैयार कर जिला मुख्यालय लाया जाएगा। इसके बाद सभी गौभक्त कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
स्वामी गौ शरणानंद ने बताया कि अभियान की प्रमुख मांगों में गौ माता को राष्ट्र स्तर पर सम्मानजनक दर्जा दिलाना, गौ हत्या पर सख्त केंद्रीय कानून बनाना, गोपालन एवं गौ संरक्षण के लिए पृथक मंत्रालय की स्थापना सहित कुल 32 मांगें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है, इसलिए सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संगठनों से इसमें सहभागिता की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि अभियान की शुरुआत 27 अप्रैल को तहसील स्तर पर ज्ञापन सौंपकर की गई थी। इसके बाद 27 जुलाई को जिला स्तर, 27 अक्टूबर को प्रदेश स्तर तथा 27 फरवरी 2027 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही देशभर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। अभियान का लक्ष्य प्रत्येक जिले से लगभग 5 लाख तथा प्रत्येक तहसील से 50 हजार हस्ताक्षर एकत्र कर प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाना है।
बैठक में उपस्थित संतों ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी गौभक्तों से 27 जुलाई को आयोजित गौ रथ यात्रा एवं ज्ञापन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।