डेस्क न्यूज़
24 June, 2026
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नीमच। मोहर्रम के पवित्र अवसर पर मंगलवार शाम दाऊदी बोहरा समाज द्वारा परंपरागत श्रद्धा और अकीदत के साथ मेहंदी का जुलूस निकाला गया। बोहरा गली स्थित इमामबाड़ा से शुरू हुए इस जुलूस में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और शहीदान-ए-कर्बला की याद में खिराज-ए-अकीदत पेश की।
मेहंदी का जुलूस अशराखाना से रवाना होकर कमल चौक, फव्वारा चौक, नया बाजार, घंटाघर और दाना गली सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः बोहरा गली पहुंचा। पूरे मार्ग में अकीदतमंदों ने अनुशासित ढंग से जुलूस में भाग लिया। जुलूस का समापन रस्म-ए-मेहंदी की अदायगी के साथ हुआ।
मोहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और यह हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) तथा उनके 72 वफादार साथियों की कर्बला में दी गई महान शहादत की याद में मनाया जाता है। कर्बला का इतिहास हक, इंसाफ, सब्र और इंसानियत की रक्षा के लिए दी गई सर्वोच्च कुर्बानी का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण मोहर्रम को गम, सब्र और इबरत का महीना कहा जाता है।
दाऊदी बोहरा समाज में रस्म-ए-मेहंदी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस परंपरा के तहत मेहंदी को तबर्रुक के रूप में सजाकर जुलूस निकाला जाता है, जो अहलेबैत से मोहब्बत, इमाम हुसैन (अ.स.) की याद और शहीदान-ए-कर्बला के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का प्रतीक माना जाता है।
मेहंदी जुलूस के बाद अब मोहर्रम की अन्य धार्मिक रस्मों का सिलसिला जारी रहेगा। आगामी दिनों में विभिन्न मजलिसों का आयोजन किया जाएगा, जबकि यौमे आशूरा पर विशेष मजलिस, मातम और दुआओं के माध्यम से हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और शहीदान-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की जाएगी। समाजजन इन सभी धार्मिक आयोजनों में पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सम्मान के साथ भाग लेते हैं।