डेस्क न्यूज़
19 June, 2026
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नीमच। अंचल के साहित्य प्रेमियों के लिए नीमच में एक अभिनव और प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की गई है। पुस्तकों के अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने और नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के उद्देश्य से यहां ‘रीडर्स क्लब’ का गठन किया गया है। यह पहल मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल के बैनर तले की गई है, जिसमें नीमच के सुधी पाठकों और साहित्य प्रेमियों ने मिलकर इस क्लब की स्थापना की है। क्लब के माध्यम से प्रतिष्ठित साहित्यकारों, उपन्यासकारों और कहानीकारों की कालजयी कृतियों का अध्ययन किया जाएगा तथा प्रति पखवाड़े एक पुस्तक पर समीक्षा और विमर्श आयोजित किया जाएगा।
इस अनूठी पहल का शुभारंभ साहित्य प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति में लेखिका एवं शिक्षाविद डॉ. श्रीमती माधुरी चौरसिया के निवास पर किया गया। कार्यक्रम में पहली पुस्तक के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार धर्मवीर भारती के कालजयी उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ की समीक्षा प्रस्तुत की गई। समीक्षा शिवानी जोशी द्वारा रखी गई, जिसमें उपन्यास के भाव, कथानक और सामाजिक संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
संस्थापक सदस्य डॉ. प्रेरणा ठाकरे ने क्लब के उद्देश्य और भावी कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पहल का लक्ष्य साहित्य को जन-जन तक पहुंचाना और युवाओं में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान उपन्यास की विशेषताओं पर भी गहन चर्चा की गई और इसके सामाजिक तथा भावनात्मक पक्षों को वर्तमान समय के संदर्भ में समझाया गया।
कार्यक्रम में ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट की चेयरमैन माधुरी चौरसिया, मालवांचल के प्रसिद्ध कवि एवं पत्रकार धर्मेंद्र शर्मा, अंग्रेजी के विद्वान आचार्य आर.पी. शर्मा, सुश्री शैलजा जोशी तथा मनोरंजन बुक स्टॉल के प्रोपराइटर जयराम जिज्ञासी सहित कई साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे साहित्यिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आगामी दिनों में रीडर्स क्लब द्वारा प्रत्येक पखवाड़े किसी एक महत्वपूर्ण पुस्तक पर समीक्षा और विमर्श का नियमित आयोजन किया जाएगा, जिसमें कोई भी साहित्य प्रेमी भाग ले सकेगा।