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स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर यातायात पुलिस सख्त, ज्ञानोदय स्कूल में वाहनों की जांच; दो दिन में कमियां दूर करने के निर्देश

डेस्क न्यूज़ 18 June, 2026 अन्य

नीमच। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के निर्देशन में यातायात थाना प्रभारी सूबेदार सोनू बड़गुर्जर और उनकी टीम ने बुधवार को ज्ञानोदय स्कूल नीमच में संचालित स्कूल बसों एवं अन्य स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एम.सी. मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया प्रकरण में जारी दिशा-निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई। यातायात पुलिस ने बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, गति नियंत्रक यंत्र (स्पीड गवर्नर), जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वाहन फिटनेस, बीमा दस्तावेज एवं चालकों के लाइसेंस सहित विभिन्न सुरक्षा मानकों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान कुछ स्कूल वाहनों में निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्थाएं पूर्ण नहीं पाई गईं। इस पर स्कूल संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे दो दिवस के भीतर सभी कमियों को दूर कर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में संचालित सभी स्कूलों के वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। किसी भी वाहन में कमी पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की प्रमुख गाइडलाइन

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिए तथा बस पर स्पष्ट रूप से "स्कूल बस", स्कूल का नाम और संपर्क नंबर अंकित होना आवश्यक है। बसों में स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए तथा उनकी अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित है।

स्कूल बस चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए और उसके विरुद्ध कोई गंभीर आपराधिक अथवा यातायात अपराध दर्ज नहीं होना चाहिए। वाहन संचालन के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।

प्रत्येक बस में प्रशिक्षित अटेंडेंट या हेल्पर की व्यवस्था, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन द्वार, सुरक्षित दरवाजे तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक अन्य व्यवस्थाएं होना अनिवार्य है। बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी प्रतिबंध है।

नागरिकों और स्कूल संचालकों से अपील

यातायात पुलिस ने जिले के अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें तथा यातायात नियमों का पालन करें। वहीं सभी स्कूल संचालकों एवं प्राचार्यों से सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल वाहनों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

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