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6 माह से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं का आक्रोश, 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

डेस्क न्यूज़ 12 June, 2026 अन्य

नीमच। आशा एवं आशा सुपरवाइजर कर्मचारी महासंघ ने अपनी लंबित मांगों और बकाया प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 12 सूत्रीय मांगपत्र कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा। महासंघ ने आशा कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।

महासंघ ने ज्ञापन में बताया कि 29 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सुपरवाइजरों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं, जिनमें प्रतिवर्ष एक हजार रुपये मानदेय वृद्धि भी शामिल थी। लेकिन आज तक इन घोषणाओं का पूरा लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है।

ज्ञापन में कहा गया कि आशा कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार से 2 हजार रुपये, राज्य शासन से 4 हजार रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से विभिन्न प्रोत्साहन राशि प्राप्त होती है। इसके बावजूद जनवरी 2026 से जून 2026 तक की प्रोत्साहन राशि का पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है। कई बार पांच-पांच माह तक भुगतान लंबित रहने से आशा कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

महासंघ का आरोप है कि भुगतान को लेकर विभागीय अधिकारियों द्वारा कभी बजट की कमी, कभी सॉफ्टवेयर समस्या तो कभी भुगतान हो जाने जैसे कारण बताए जाते हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। भीषण गर्मी में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली महिला कर्मियों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनके परिवारों का भरण-पोषण भी प्रभावित हो रहा है।

महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से आशा वर्कर्स को न्यूनतम 18 हजार रुपये तथा आशा सहयोगिनी को 24 हजार रुपये मासिक वेतन, ईपीएफ, ईएसआई और पेंशन सुविधा, कार्य के दौरान दुर्घटना या मृत्यु पर 5 लाख रुपये मुआवजा, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि, योग्य आशा कार्यकर्ताओं को एएनएम पद पर पदोन्नति, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, वर्ष में दो बार गणवेश उपलब्ध कराने, अस्पतालों में विश्राम स्थल की व्यवस्था, यात्रा भत्ता, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में आयु सीमा 55 वर्ष तक बढ़ाने, 5जी मोबाइल अथवा टैबलेट उपलब्ध कराने तथा मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाओं सहित 12 प्रमुख मांगें रखी हैं।

महासंघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सुपरवाइजरों की लंबित प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान कराया जाए तथा उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इन महिला कर्मियों को राहत प्रदान की जाए।

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