डेस्क न्यूज़
14 April, 2026
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नीमच/मंदसौर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि कुछ लोग अल्पसंख्यक होने का हवाला देकर समाज में जिहादी मानसिकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन संत समाज उन्हें सफल नहीं होने देगा। उन्होंने हाल के समय में पर्यटक स्थलों पर धर्म पूछकर किए गए हमलों का जिक्र करते हुए इसे एक विशेष मानसिकता से जोड़कर देखा।
विहिप के विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला के अनुसार, आलोक कुमार मंदसौर-नीमच विभाग के दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने मंदसौर में आयोजित अर्चक-पुरोहित सम्मेलन में मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने संतों, अर्चकों और पुरोहितों से समाज जागरण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विहिप का उद्देश्य संतों और मठ-मंदिरों से संपर्क स्थापित करना है, जबकि समाज को जागरूक करने की बड़ी जिम्मेदारी संत समाज की है। उन्होंने हिंदू धर्म, संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण में संतों के मार्गदर्शन को आवश्यक बताया और सामाजिक समरसता पर जोर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के विभिन्न मत, पंथ और संप्रदाय अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका लक्ष्य एक ही है। समाज में एकता स्थापित कर विघटनकारी ताकतों का मुकाबला किया जा सकता है।
उन्होंने धर्मांतरण को बड़ी चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट होकर काम करने की बात कही। साथ ही कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि वैचारिक, सामाजिक और कानूनी स्तर पर भी इसका सामना करना जरूरी है।
मंदिरों के सरकारी प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मंदिरों को सरकारी अधिग्रहण से मुक्त करने की मांग की।
सम्मेलन में संत मिथिलेश नागर, प्रांत संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव, दिलीप जैन, सत्यनारायण राठौर सहित कई संतों और पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए। इस आयोजन में करीब 650 संत, अर्चक और पुरोहित शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद सहभोज और विभागीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।