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अग्रोहा भवन में सेवा का महाकुंभ, 1000 दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य, पहले दिन 300 से अधिक को मिले कृत्रिम अंग

न्यूज डेस्क 14 March, 2026 अन्य

नीमच। शहर के सीएसवी अग्रोहा भवन में शनिवार को सेवा, संवेदना और मानवीय सहयोग का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। अग्रवाल विकास समिति और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क दिव्यांग सहायता शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। शिविर के पहले ही दिन 300 से अधिक दिव्यांगों को कृत्रिम अंग, ट्रायसिकल, सुनने की मशीन सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस दौरान कई लाभार्थियों की आंखें खुशी से नम हो गईं, जब वर्षों बाद उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने या फिर से चलने का अवसर मिला।

शिविर में जयपुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने अग्रोहा भवन को अस्थायी हाईटेक कार्यशाला में बदल दिया है। यहां दिव्यांगों के कृत्रिम पैर और अन्य उपकरणों की ऑन-द-स्पॉट फिटिंग की जा रही है। जैसे ही लाभार्थी का नाप लिया जाता है, उसी समय सांचा बनाकर कुछ ही समय में कृत्रिम पैर तैयार कर उसे पहनाया जा रहा है। ये जयपुर फुट हल्के, लचीले और उपयोग में आसान हैं, जिनसे व्यक्ति सामान्य रूप से चलने-फिरने के साथ दौड़ भी सकता है।

शिविर में कई भावुक कर देने वाली कहानियां भी सामने आईं। एक बुजुर्ग लाभार्थी ने बताया कि दो साल पहले दुर्घटना में उनका पैर कट गया था, जिसके बाद वह पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो गए थे। बाथरूम जाने तक के लिए भी सहारे की जरूरत पड़ती थी, लेकिन शिविर में कृत्रिम पैर लगने के बाद उन्होंने बिना सहारे चलकर दिखाया और कहा कि अब वह फिर से अपना काम खुद कर सकेंगे।

इसी तरह एक दिव्यांग युवक को ट्रायसिकल मिलने पर उसकी खुशी देखते ही बन रही थी। उसने कहा कि अब वह आसानी से मोहल्ले में आ-जा सकेगा और छोटी-मोटी दुकान चलाकर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करेगा।

शिविर की विशेष बात यह है कि यहां कृत्रिम अंगों के साथ हियरिंग एड, स्मार्ट स्टिक, वॉकर और ट्रायसिकल जैसे उपकरण भी नि:शुल्क दिए जा रहे हैं। दूर-दराज के गांवों से आए दिव्यांगों और उनके परिजनों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी समिति द्वारा की गई है।

अग्रवाल विकास समिति के अध्यक्ष गोपालकृष्ण गर्ग (जीएमडी) और सचिव सुनील सिंहल ने बताया कि शिविर 16 मार्च तक चलेगा। 1 मार्च से पंजीयन शुरू कर दिए गए थे और लक्ष्य 1000 से अधिक दिव्यांगों को लाभान्वित करने का है। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र के साथ कोई भी पात्र व्यक्ति शिविर में पंजीयन कराकर लाभ प्राप्त कर सकता है।

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