मनीष नायक
24 February, 2026
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नीमच | नीमच से सिंगोली तक बन रही सड़क अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि निर्माण कार्य कर रही सांवलिया कंस्ट्रक्शन कम्पनी की लापरवाही ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया है, और इसी लापरवाही की कीमत दो निर्दोष युवकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। क्षेत्र में अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
दड़ौली क्षेत्र में दो दर्दनाक हादसे
दड़ौली क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
पहला मामला – 25 नवम्बर 2025 को दड़ौली के अंबामाता रोड पर खेत के पास मिट्टी निकासी का कार्य चल रहा था। आरोप है कि सांवलिया कंस्ट्रक्शन के डंपर द्वारा अवैध रूप से मिट्टी निकाली जा रही थी। इसी दौरान डंपर चालक ने वाहन रिवर्स लेते समय आम्बा गांव निवासी युवक कारूलाल भील को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा गया।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि मिट्टी अवैध रूप से निकाली जा रही थी, तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं थी? और यदि थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई? एक युवक की जान चली गई, लेकिन जिम्मेदारों के खिलाफ करीब तीन महीने बाद भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
दूसरा मामला – दूसरी घटना 22 फरवरी 2026 को दड़ौली और लक्ष्मीपुरा के बीच रूपाहेली पुलिया के पास सामने आई। आरोप है कि बिना किसी सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेत के सड़क पर खुदाई कर दी गई थी। इसी लापरवाही के चलते तारापुर निवासी दो युवक रात में खोदी गई पुलिया में जा गिरे। इस हादसे में सौरभ गंगवाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर हालत में अस्पताल में उपचाररत है।
इस मामले में डीकेन चौकी पुलिस ने सांवलिया कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार दीपक पिता बाबूलाल तेली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(ए) एवं 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
दोनों घटनाओं के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नीमच से डीकेन तक बेतरतीब खुदाई, सुरक्षा इंतजाम नदारद
नीमच से सिंगोली तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सांवलिया कंस्ट्रक्शन द्वारा नीमच से डीकेन तक बड़े पैमाने पर खुदाई कर दी गई है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
मार्ग पर न तो चेतावनी बोर्ड दिखाई दे रहे हैं और न ही बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था है। जगह-जगह गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जिनके कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उड़ती धूल ने हालात और भी खराब कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।
सवालों के घेरे में ठेकेदार, विकास या लापरवाही ?
अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है — क्या सड़क निर्माण के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा सकता है? क्या विकास की आड़ में सुरक्षा नियमों को ताक पर रख देना ही ठेकेदार की कार्यशैली बन गई है?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि निर्माण एजेंसी समय पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करती, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाती, बैरिकेडिंग करती और खुदाई को व्यवस्थित तरीके से अंजाम देती, तो शायद आज दो घरों के चिराग नहीं बुझते। लोगों का आरोप है कि काम की रफ्तार तो दिखाई दे रही है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर गंभीर चूक नजर आ रही है।