ताजासमाचार

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से बदली तकदीर | गृहणी से सफल उद्यमी बनीं प्रेमलता पाटीदार, हर माह 2–3 लाख की आय

न्यूज डेस्क 24 February, 2026 अन्य

नीमच। मेहनत, लगन और सरकारी योजना के सही उपयोग से जिंदगी कैसे बदल सकती है, इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं नीमच विकासखंड के ग्राम बमोरा की प्रेमलता पाटीदार।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लेकर उन्होंने 23.61 लाख रुपये की लागत से “बालाजी उद्योग” के नाम से खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की और आज वे एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

बैंक ऋण और सरकारी अनुदान से मिली मजबूती

प्रेमलता पाटीदार ने भारतीय स्टेट बैंक, जीरन शाखा से 20 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस पर शासन की ओर से 8.26 लाख रुपये का अनुदान भी मिला। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से स्थापित इस इकाई में उन्होंने “गोपाल कृष्ण” ब्रांड नाम से कोकोनट ऑयल का पंजीकरण करवाया और स्वयं का प्रसंस्कृत खाद्य तेल बाजार में उतारना शुरू किया।

लाखों का मासिक टर्नओवर

आज उनके उद्योग का मासिक टर्नओवर लगभग 8 से 10 लाख रुपये है, जिसमें से उन्हें प्रतिमाह 2 से 3 लाख रुपये की शुद्ध आय हो रही है। इतना ही नहीं, उनके उद्योग में 5 से 7 स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिला है।

आत्मनिर्भरता की मिसाल

प्रेमलता पाटीदार ने साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी योगदान दे रही हैं।

जिले में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में नीमच जिले में पीएमएफएमई योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। अब तक 210 हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 125 नए हितग्राहियों को लाभ देकर नवीन उद्योग इकाइयों की स्थापना करवाई गई है।

नीमच जिला इस योजना के सफल क्रियान्वयन में प्रदेश और संभाग के अग्रणी जिलों में शामिल है।

Related Post