डेस्क न्यूज
11 February, 2026
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मंदसौर। राजस्थान सीमा से सटे मध्यप्रदेश के पश्चिमी जिले मंदसौर में 20 फरवरी 2026 को पहली बार “सरसों संगम कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय संस्था सॉलिडरिडाड तथा द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के तत्वावधान में आयोजित होगा।
कार्यक्रम में मंदसौर, रतलाम और नीमच (मध्यप्रदेश) के साथ-साथ प्रतापगढ़ एवं चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) से लगभग 2000 से अधिक सरसों उत्पादक किसान भाग लेंगे। यह आयोजन क्षेत्र के तिलहन उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा, जहां उन्हें आधुनिक तकनीकों और बाजार से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में क्षेत्र के सांसद, SEA के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. बी. वी. मेहता सहित विभिन्न सहयोगी कंपनियों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। साथ ही कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी महाविद्यालय, उद्यानिकी विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नाबार्ड, राष्ट्रीय बीज निगम और बीज प्रमाणीकरण संस्थाओं के वैज्ञानिक एवं अधिकारी भी अपनी सहभागिता देंगे।
यह आयोजन प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना “राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन” (National Edible Oil Mission) के उद्देश्यों को गति देने के लिए किया जा रहा है। योजना का मुख्य लक्ष्य तिलहन फसलों को प्रोत्साहन देना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
सरसों संगम के दौरान किसानों को नई कृषि तकनीकों, पुनर्योजी (रेजनरेटिव) कृषि पद्धतियों, किसान उत्पादक संगठन (FPO), ग्रीन एनर्जी, बायो-इनपुट्स और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियां और संस्थाएं अपने प्रदर्शनी स्टॉल लगाकर किसानों को नवाचारों से परिचित कराएंगी।
सॉलिडरिडाड संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि यह कार्यक्रम किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और बाजार के बीच एक सेतु का कार्य करेगा और क्षेत्र में सरसों उत्पादन को नई दिशा देगा।