डेस्क न्यूज
20 January, 2026
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नीमच। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब सिंगोली तहसील के धारडी गांव निवासी कमलेश रेगर रोते-बिलखते कार्यालय परिसर में पहुँचा और अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा जाहिर करने लगा। पीड़ित की हालत को देखते हुए मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने तत्काल उसे शांत कराया, जिसके बाद उसने अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपकर आपबीती सुनाई।
आवेदन में कमलेश रेगर ने स्वयं को एक गरीब अनुसूचित जाति का मजदूर बताते हुए आरोप लगाया कि उसके साथ लंबे समय से जातिगत भेदभाव, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि गांव के ही आरोपी रणवीर सिंह ठाकुर द्वारा उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं, जिससे वह लगातार भय और मानसिक तनाव में जीवन यापन कर रहा है।
कमलेश रेगर ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी द्वारा उसके खिलाफ झूठी और भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं। जहां-जहां वह मजदूरी या अन्य काम के लिए जाता है, वहां उसकी छवि खराब कर दी जाती है, जिसके कारण उसे रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इससे उसके परिवार की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है और आर्थिक संकट के साथ-साथ सामाजिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित ने आशंका जताई कि यदि उसके या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसके लिए आरोपी जिम्मेदार होगा। उसने प्रशासन से अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई, सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की है।
जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।