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नीमच पुलिस का सख़्त एक्शन: सड़कों पर मौत का तांडव कम, 15% हादसे कम, 21% घायल घटे, 91 लाख का जुर्माना, नीमच मॉडल बना मिसाल

डेस्क न्यूज 14 January, 2026 प्रशासनिक

नीमच | जिला नीमच में सड़क पर लापरवाही, तेज़ रफ्तार और नियम तोड़ने वालों पर अब सख़्त लगाम कस दी गई है। नीमच पुलिस के ठोस, योजनाबद्ध और ज़मीनी एक्शन का असर साफ दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिसने जिले को सड़क सुरक्षा के मामले में एक नई पहचान दिलाई है।

पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  नवल सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी सोनू बडगुर्जर ने मिलकर ऐसा प्रभावी सिस्टम खड़ा किया, जिसने हादसों के आंकड़ों पर सीधा प्रहार किया है।

वर्ष 2025 में किए गए निरंतर प्रयासों का नतीजा यह रहा कि सड़क दुर्घटनाओं में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, वहीं घायलों की संख्या में 21 प्रतिशत की गिरावट आई। यह कमी किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि लगातार निगरानी, सख़्त कार्रवाई और व्यापक जागरूकता अभियानों का प्रतिफल है।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नीमच पुलिस ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, नगर पालिका, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर रोड रेस्टोरेशन की लगातार कार्रवाई की। जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही थीं, उन्हें ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित कर वहां विशेष सुधार कार्य कराए गए।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार संकेतक एवं सूचनात्मक साइन बोर्ड, रम्बल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर, थर्मोप्लास्टिक मार्किंग, केट आई, सोलर स्टैंड व सोलर ब्लिंकर लगाए गए। साथ ही रात्रिकालीन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हाई-मास्ट एवं हैलोजन लाइटिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

फोरलेन एवं हाईवे से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाले खतरनाक कट-ऑफ पॉइंट्स की पहचान कर वहां रम्बल स्ट्रिप, संकेतक और प्रकाश व्यवस्था कराई गई, जिससे तेज़ रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण संभव हो सका।

नीमच पुलिस ने जागरूकता के स्तर पर भी नए प्रयोग किए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को प्रदर्शित कर वाहन चालकों को सबक के रूप में दिखाया गया, ताकि लापरवाही का अंजाम सामने रहे। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और ग्राम चौपालों में लगातार यातायात जागरूकता अभियान चलाए गए।

समय-समय पर वाहन चालकों के लिए स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविरों का आयोजन कर यह सुनिश्चित किया गया कि सड़क पर चलने वाले चालक पूरी तरह फिट हों। सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों में सभी विभागों के साथ विचार-विमर्श कर घुमावदार मोड़ों, प्रकाश व्यवस्था, संकेतकों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें ज़मीन पर उतारा गया।

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। वर्ष 2025 में, वर्ष 2024 की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक चालानी कार्रवाई की गई और 33 प्रतिशत अधिक समन शुल्क वसूल किया गया, जिसके तहत लगभग 91 लाख रुपये की वसूली की गई। यह साफ संदेश है कि अब नियम तोड़ने वालों के लिए सड़क पर कोई रियायत नहीं है।

आंकड़े खुद गवाही देते हैं कि जहां वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक थी और घायलों की संख्या भी चिंताजनक थी, वहीं वर्ष 2025 में पुलिस की सख़्त कार्यवाही और प्रभावी सिस्टम के चलते दुर्घटनाओं में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है।

नीमच पुलिस का यह अभियान यह साबित करता है कि अगर सिस्टम मज़बूत हो, नीयत साफ हो और कार्रवाई ज़मीनी हो, तो सड़कों पर मौत का खेल रोका जा सकता है।

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