न्यूज डेस्क
15 December, 2025
सामाजिक
नीमच। कायस्थ समाज द्वारा भगवान श्री चित्रगुप्तजी की दिव्य कथा का भव्य आयोजन रविवार को स्थानीय लॉयंस डेन में किया गया। दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में वृंदावन से पधारे कथा व्यास श्री 1008 जगद्गुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंदजी महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालुओं ने दिव्य कथा का श्रवण किया।
उल्लेखनीय है कि नीमच नगर में पहली बार श्री चित्रगुप्तजी की कथा का आयोजन हुआ, जिसे लेकर कायस्थ समाज सहित समस्त श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
कथा से पूर्व प्रातः 10 बजे कथा स्थल से एक भव्य चल समारोह निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ लॉयंस डेन पहुंचा। चल समारोह एलआईसी चौराहा, अंबेडकर मार्ग, टीवीएस चौराहा, गायत्री मंदिर रोड कमल चौक, फव्वारा चौक, बारादरी, नया बाजार, घंटाघर, तिलक मार्ग, पुस्तक बाजार और भारतमाता चौराहा होते हुए कथा स्थल पर संपन्न हुआ। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव से जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे संपूर्ण शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
कथा के दौरान जगद्गुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंदजी महाराज ने भगवान श्री चित्रगुप्तजी के जीवन, कर्तव्य और मानव जीवन में उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्री चित्रगुप्तजी न्याय के देवता हैं, जो प्रत्येक प्राणी के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे प्राप्त होता है। सत्य, धर्म और कर्म के मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
महाराज श्री ने कायस्थ समाज से आह्वान किया कि वह अपने आराध्य देव श्री चित्रगुप्तजी के आदर्शों को आत्मसात कर समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाए।
इस दिव्य कथा का आयोजन कायस्थ समाज समिति द्वारा किया गया। कार्यक्रम में नरेंद्र श्रीवास्तव (अल्हेड़-नीमच), इंजीनियर बाबूलाल गौड़, प्रकाश गौड़, आतिश गौड़, अमित सक्सेना, उर्मिला-नीरज सक्सेना (रतलाम), चंद्रशेखर निगम (मंदसौर), देवेंद्र भटनागर (जावरा), विक्रम भटनागर (मंदसौर), जितेश श्रीवास्तव (चित्तौड़गढ़), अरुण कुमार श्रीवास्तव, कृष्णा-दिलीपकुमार निगम एवं दीपक राय गौड़ सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजकों के अनुसार इस आयोजन में मालवा, मेवाड़ सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी विशिष्ट अतिथि और कायस्थ समाज के लोग शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और गरिमा और भी बढ़ गई।