न्यूज डेस्क
10 November, 2025
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नीमच। विश्व हिन्दू परिषद मालवा प्रांत, जिला नीमच द्वारा रविवार को अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में प्रबुद्धजन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ प्रचारक एवं प्रांत संगठन मंत्री, विश्व हिन्दू परिषद मालवा प्रांत (इंदौर) खगेंद्र भार्गव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर एवं आसपास क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक, समाजसेवी, संतजन, शिक्षाविद् और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।गोष्ठी का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता खगेंद्र भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व कल्याण की भावना के साथ भारत माता को पुनः परम वैभव के शिखर पर स्थापित करने हेतु विश्व हिन्दू परिषद निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज हिन्दू समाज को सबल और समरस बनाने की आवश्यकता पहले से अधिक है, और यह तभी संभव है जब हम सब पवित्र विचारों एवं पवित्र भावनाओं के साथ संगठित होकर कार्य करें।
खगेंद्र भार्गव ने आगे कहा कि संगोष्ठी के दो प्रमुख विषय “सामाजिक समरसता” और “वर्तमान वैचारिक संघर्ष” पर गहन चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिन्दू शास्त्र, संत, देवी-देवता और परंपराएं सभी जातियों को समान मानती हैं। सभी जातियां महान हैं, सभी इसी देश के वासी हैं और सभी हिन्दू सनातनी हैं। समाज में अस्पृश्यता, छुआछूत और भेदभाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए — यही हिन्दू धर्म का मूल संदेश है।उन्होंने कहा कि आज देश के सामने बढ़ते आंतरिक सुरक्षा खतरों, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति, जनसंख्या असंतुलन तथा हिन्दू समाज में वैचारिक विभाजन जैसी चुनौतियां हैं। कुछ शक्तियां देश की एकता और अखंडता को भेदभाव के माध्यम से तोड़ना चाहती हैं, लेकिन हिन्दू समाज ऐसी शक्तियों को कभी स्वीकार नहीं करेगा। खगेंद्र भार्गव ने कहा कि अब समय आ गया है जब हिन्दू समाज वैचारिक विजय प्राप्त कर भारत को पुनः अखण्ड, गौरवशाली, वैभवशाली और समरस राष्ट्र बनाने का संकल्प ले।गोष्ठी के अंत में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने समाज की एकता, समरसता और राष्ट्रहित के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिन्दू परिषद के विशेष संपर्क एवं सामाजिक समरसता विभाग द्वारा किया गया।