ताजासमाचार

नीमच में मातृशक्ति द्वारा निकाली गई भव्य सिंदूर शौर्य यात्रा, सनातन संस्कृति का हुआ गौरवगान

डेस्क न्यूज़ 04 October, 2025 अन्य

नीमच | विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति एवं नवदुर्गा महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को नीमच नगर में सिंदूर शौर्य यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। यह यात्रा भारतीय संस्कृति, मातृशक्ति और सनातन परंपरा के गौरव को उजागर करने वाली प्रेरणादायी पहल रही।
सिंदूर शौर्य यात्रा का शुभारंभ नीमच 36 ए स्थित कुंदकेश्वर महादेव मंदिर से हुआ। यात्रा कलेक्ट्रेट चौराहा, गोमाबाई होते हुए पुनः कुंदकेश्वर महादेव मंदिर पर संपन्न हुई। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा, माथे पर सिंदूर, और हाथों में भगवा ध्वज लिए उत्साह के साथ शामिल हुईं। यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म में सिंदूर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं शामिल हुईं, जिनमें उत्साह और गर्व स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
कार्यक्रम में मातृशक्ति जिला सहसंयोजी उर्वशी रावत ने "सनातन धर्म में सिंदूर का महत्व" विषय पर सार्थक उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि सिंदूर केवल श्रृंगार का प्रतीक नहीं, बल्कि एक संस्कार, संकल्प और शक्ति का प्रतीक है, जो भारतीय स्त्री की आस्था और मर्यादा का प्रतिनिधित्व करता है।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन मातृशक्ति जिला संयोजिका सुनीता चौधरी द्वारा किया गया, जिन्होंने मातृशक्ति के संगठित प्रयासों की सराहना की और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग मंत्री अनूपाल सिंह झाला, जिला मंत्री कैलाश मालवीय, तथा जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र गर्ग का सक्रिय सहयोग रहा। साथ ही जिला बाल संस्कार केंद्र सहप्रमुख राजकुमारी राठौर, अध्यक्ष चंद्रकांता मेहरा, उषा चौहान, सचिव शांति राठौर सहित अन्य अनेक मातृशक्ति पदाधिकारी और सदस्याएं कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

Related Post