डेस्क न्यूज़
01 October, 2025
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नीमच। नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान, नीमच द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। संस्थान के सद्भावना सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। देर रात 12 बजे तक चले इस आयोजन में आध्यात्मिकता और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण रही त्रिमूर्ति देवी प्रतिमाएं — दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी। इन रूपों में श्रृंगारित कु. रूचि राजपाल (दुर्गा), कु. मिश्री सैनी (सरस्वती) और कु. हिमांशी राठौर (लक्ष्मी) ने दिव्य वेशभूषा में पाँच घंटे से अधिक समय तक स्थिर मुद्रा में आशीर्वाद प्रदान किया। इस अलौकिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। बाल रूप में श्रैष्ठा एवं सृष्टि शर्मा ने सरस्वती एवं संतोषी देवी के रूप में मनोहारी श्रृंगार किया।
कार्यक्रम का आरंभ 24 ब्रह्माकुमारी तपस्वी बहनों के भव्य मंचारोहण से हुआ, जिन्हें 40 से अधिक भाईयों द्वारा विशाल चुनरी की छत्रछाया में मंच पर लाया गया। इसके बाद 35 से अधिक कलाकारों ने एकल और समूह नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिनमें पारंपरिक और आधुनिक रंगों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
प्रमुख प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में वर्षा अहीर, चेतना अहीर, मधु अहीर, अदिति चंदेल, सोनल गुजराती, पलक अजमेरा, प्रिंसु अहीर, साक्षी चौहान, सोनम कुंवर, पियु सेठिया, ऋषिका अहीर, मोनिका यादव, प्रियंका अहीर, अंजली अहीर, सरस्वती, हिमांशी, सृष्टि राठौर, लोकेश एवं भावना कस्तुरी, धनराज एवं धनवंतरी अहीर, विकास एवं डिम्पल अहीर आदि शामिल रहे।
कवि मोनिका यादव और तरूणा बैरागी ने स्वरचित कविताओं और विशेष कार्ड के माध्यम से ब्रह्माकुमारी बहनों का भावपूर्ण सम्मान किया। कार्यक्रम में देवी भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां सूरज नैनवाया, सुरेश कान्हा एवं राहुल अहीर द्वारा दी गईं।
अंत में सभी 24 तपस्वी ब्रह्माकुमारी बहनों को तिलक, ताज और सुनहरे दुपट्टे पहनाकर, शक्ति का प्रतीक त्रिशूल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर पावन धाम परिसर के लॉन में महिलाओं और कन्याओं द्वारा सामूहिक गरबा नृत्य किया गया। श्रद्धालुओं को महाभोग भी वितरित किया गया।
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला रहा, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का एक प्रभावी माध्यम भी बना।