रियाज मंसूरी
19 September, 2025
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रामपुरा। खिमला स्थित डीबीएल (दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड) कंपनी के निर्माणाधीन पेयजल योजना प्लांट में गुरुवार को हुए हादसे में चंबल नदी में डूबे युवक का शव आखिरकार 30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया गया। इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
डूबे युवक की पहचान शेख समीर (20), पिता शेख सलीम, निवासी मोहल्ला आवरा सात, रामपुरा के रूप में हुई थी। समीर डीबीएल कंपनी में वेल्डिंग का कार्य करता था और हादसे के समय साइट पर ही मौजूद था।
ऐसे हुआ हादसा
गुरुवार दोपहर काम के दौरान समीर को प्यास लगी और वह नदी किनारे पानी पीने गया। इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह चंबल नदी में गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसपास मौजूद मजदूरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह पानी में लापता हो गया। तुरंत अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई।
30 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही रामपुरा पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई। कई घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार शुक्रवार दोपहर चार बजे , यानी घटना के लगभग 30 घंटे बाद, समीर का शव नदी से बरामद कर लिया गया।
सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल
एक मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "यहां पानी के पास कोई सुरक्षा घेरा नहीं है। न हेलमेट, न लाइफ जैकेट। हादसा तो होना ही था।