डेस्क न्यूज़
09 September, 2025
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नीमच। विद्युत विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ बीमा और सुरक्षा लाभों को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले में कार्यरत कंपनी मेसर्स ऑल सर्विसेस ग्लोबल प्रा. लि. मुंबई द्वारा श्रमिकों के वेतन से प्रतिमाह बीमा और अन्य कटौतियां करने के बावजूद हादसों के बाद पीड़ित श्रमिकों और उनके परिजनों को आज तक कोई लाभ नहीं दिलवाया गया। ताजा मामला ग्राम कानका निवासी मोहनदास बैरागी का है, जो वितरण केंद्र नयागांव में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। 20 जून 2025 को होटल अमृत पैलेस के पास ट्रांसफॉर्मर चढ़ाने के दौरान हुए गंभीर हादसे में उन्हें विद्युतीय करंट लगा, जिससे उनका एक हाथ काटना पड़ा। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि उनके मासिक वेतन से करीब 1500 रुपये बीमा व अन्य योजनाओं के नाम पर कटौती की जाती है, लेकिन आज तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। इलाज के लिए सहकर्मियों और अधिकारियों ने चंदा इकट्ठा कर मदद की, पर अब स्थिति यह है कि परिवार खाने-पीने तक के लिए मोहताज हो गया है।
इसी कंपनी से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम सरजना की करीना मेघवाल ने जनसुनवाई में आवेदन देकर बताया कि उनके पति रोहित मेघवाल की 20 जनवरी 2024 को विद्युत कार्य के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी का कहना है कि उनकी एक छोटी बच्ची भी है, और हादसे को एक वर्ष से अधिक बीत जाने के बाद भी न तो कंपनी और न ही विभाग द्वारा कोई आर्थिक सहायता या बीमा राशि उपलब्ध कराई गई।पीड़ितों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कंपनी और प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा श्रमिकों को उनके हक का बीमा और क्षतिपूर्ति राशि दिलवाई जाए। मजदूरों का कहना है कि यदि पहले ही कंपनी यह स्पष्ट कर देती कि बीमा लाभ नहीं मिलते, तो वे निजी बीमा करवाकर अपने परिवार को सुरक्षित कर लेते।श्रमिकों के ये मामले इस ओर इशारा करते हैं कि ठेकेदार कंपनियां केवल खानापूर्ति के लिए बीमा और कटौती करती हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर लाभ देने से कतराती हैं। ऐसे में प्रशासन से अपेक्षा है कि निष्पक्ष जांच कर पीड़ित श्रमिक और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाए।